माहवारी को लेकर खासतौर पर बालिकाओं में काफी हिचक और शर्म होती है। जानकारी के अभाव में बड़ी संख्या में बालिकाएं विभिन्न प्रकार के संक्रामक रोगों का शिकार हो जाती हैं।
ऐसे में अध्ययनरत बालिकाओं को पाठ्यक्रम के जरिये माहवारी की जानकारी देने की जरूरत है। इसके लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को पत्र लिखकर मांग की जाएगी। ये बातें महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने शनिवार को खुड़बुड़ा स्थित राम प्यारी स्कूल में सेनेटरी नेपकिन वेंडिंग स्थापना समारोह में कहीं।
समारोह का आयोजन हर्षल फाउंडेशन, दून संस्कृति, अमर उजाला और इनरव्हील क्लब देहरादून वेस्ट के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस अवसर पर रेखा आर्य ने कहा कि माहवारी शर्म नहीं, बल्कि जानकारी का विषय है। स्कूलों के माध्यम से बालिकाओं को माहवारी की जानकारी बेहतर तरीके से दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि माहवारी के दौरान महिलाएं अक्सर परंपरागत संसाधनों का इस्तेमाल करती हैं। इसके अलावा में अधिकतर महिलाएं माहवारी के दौरान होने वाले संक्रमण से अनभिज्ञ हैं। ये महिलाएं प्राय: अपनी बेटियों को भी ऐसे ही परंपरागत संसाधनों के इस्तेमाल की सलाह देती हैं। इससे कई वंशानुगत बीमारियां उनकी बच्चियों को हो जाती हैं। ऐसे में सेनेटरी नैपकिन के इस्तेमाल और इससे होने वाले लाभ की जानकारी छात्राओं को देनी बेहद जरूरी है। इस बाबत मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर स्कूलों में योग, जूडो, एनएसएस की तरह इसकी भी कक्षाएं संचालित करने की मांग की जाएगी।
माहवारी के दौरान साफ-सफाई और जागरुकता की जरूरत
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सीएमआई की डॉ. सुमिता प्रभाकर ने कहा कि माहवारी कोई बीमारी नहीं है। माहवारी के दौरान साफ-सफाई और जागरुकता की जरूरत है। दून संस्कृति की अध्यक्ष रमा गोयल ने कहा कि माहवारी एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है, लेकिन माहवारी का ज्ञान न होने और संसाधन उपलब्ध नहीं होने के कारण महिलाएं और बालिकाएं संक्रमण की गिरफ्त में आ जाती हैं। उन्होंने कहा कि माहवारी के दौरान बालिकाएं स्कूल जाना बंद कर देती हैं। ऐसी ही समस्याओं से निपटने के लिए 21 सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन लगाने का निर्णय किया गया है। इसके पहले महिला कल्याण एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्य ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। स्कूल की प्रधानाचार्य उर्वशी ने स्कूल में सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन लगवाने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर शशि कौर, रचना अग्रवाल, अर्चना अग्रवाल, पूजा कपूर, विनीता बनर्जी, ऊषा बंसल, तरुण सिंघल, मंजू जैन, सुमन नागलिया, ऊषा नागलिया, अमिता देवांशी, कल्पना जैन और वंदना के अलावा बड़ी संख्या में इनरव्हील क्लब देहरादून वेस्ट के सदस्य उपस्थित रहे।
पांच का सिक्का डालने पर निकलेगा नैपकिन
वेंडिंग मशीन में एक बार में 50 नैपकिन रखने की व्यवस्था है। बैटरी और बिजली से संचालित इस मशीन में पांच रुपये का सिक्का डालने पर एक नैपकिन निकलेगा। इस मशीन से छात्राएं अपने परिवार की महिला सदस्यों के लिए भी नैपकिन ले जा सकती हैं।
28 को होगा सेनेटरी नैपकिन का वितरण
इस मौके पर राज्यमंत्री रेखा आर्य ने कहा कि वर्ल्ड हाइजिनिंग-डे 28 मई को राजधानी के परेड ग्राउंड में मनाया जाएगा। इस कार्यक्रम में करीब दस हजार महिलाओं एवं बालिकाओं को सेनेटरी नैपकिन का वितरण किया जाएगा।