प्रदेश में निकाय चुनाव से पहले 11 राजनीतिक दलों की मान्यता खतरे में आ गई है। इन दलों को अब राज्य निर्वाचन आयोग अंतिम नोटिस भेज रहा है। इसके बाद भी इन्होंने अपनी ऑडिट रिपोर्ट व आयकर संबंधी जानकारियां उपलब्ध न कराई तो आयोग इनके खिलाफ कार्रवाई करेगा।
दरअसल, निकाय चुनाव में हर साल भाजपा, कांग्रेस के साथ ही तमाम मान्यता प्राप्त दलों, अमान्यता प्राप्त पंजीकृत दलों और प्रोविजनल पंजीकृत दलों के प्रत्याशी मैदान में उतरते हैं। इन सभी दलों में से पंजीकृत मान्यता प्राप्त दलों के तो चुनाव चिन्ह होते हैं, लेकिन अमान्यता प्राप्त पंजीकृत दलों और प्रोविजनल दलों के प्रत्याशियों को राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से ही चुनाव के समय चुनाव चिन्ह आवंटित किया जाता है।
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मानसून के बाद निकाय चुनाव की तैयारी तेज
प्रदेश के 99 नगर निकायों में चुनाव की तैयारी तेज हो गई है। सरकार मानसून के बाद सितंबर-अक्तूबर माह में निकाय चुनाव की तैयारी कर रही है। इस संबंध में शासन स्तर पर तैयारी तेज की गई है। ओबीसी आरक्षण की नियमावली भी लगभग तैयार हो चुकी है। इसके लागू होते ही निकायों में आरक्षण की कवायद शुरू हो जाएगी।