बिल्डर की 95 लाख रुपये आरसी काटी गई है, जबकि ब्याज समेत ये जुर्माना एक करोड़ पांच लाख रुपये है। रेरा अध्यक्ष ने बताया कि अन्य बिल्डरों की भी आरसी काटने की तैयारी है। कहा कि अलॉटी के हितों की किसी भी तरह की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी।
रेरा ने मांगे सुझाव
रेरा ने बिल्डरों की पंजीकृत परियोजनाओं की जानकारी देने के साथ ही आवंटन पत्र, विक्रय अनुबंध एवं विक्रय विलेख को लेकर प्रारूप बनाने के लिए सुझाव मांगे हैं। रेरा अध्यक्ष विष्णु कुमार ने बताया कि इसे लेकर उडा की वेबसाइट पर रेरा ऑनलाइन लिंक में अपलोड किए गए हैं, जिस पर 24 अगस्त तक सुझाव मांगे गए हैं।