आईएएस को ‘आई एम सोल्यूशन फाइंडर’ बनना है
मुख्य सचिव ने कहा कि हमारे पास कितना ही ज्ञान क्यों न हो, कितनी ही सूचनाएं हम क्यों न जुटा लें लेकिन जब तक हमारी मनोवृत्ति (एटीट्यूड) सही नहीं है, तब तक कुछ नहीं होगा। आईएएस को आई एम सोल्यूशन फांइडर बनना है। चिंतन शिविर की यही कामयाबी होगी। यह महज विचार नहीं, इसे शरीर, दिमाग और आत्मा से महसूस करेंगे तो हमारा उद्देश्य पूरा हो जाएगा।
ये नसीहत भी दी
1. जिंदगी की सबसे बड़ी किताब दिमाग खुला रखना है।
2. व्यक्तिगत और पारिवारिक मुद्दे भी सामने आएंगे, उनका काम पर असर न हो।
3. हर दिन अपने लिए समय निकालिए और चिंतन-मनन कीजिए, कई रास्ते निकल आएंगे।
4. कुछ अफसरों का विजन अच्छा है, लेकिन वे धरातल पर उतारने का कौशल नहीं जानते।
5. कुछ अफसर फील्ड में शानदार काम करते हैं, लेकिन उनका विजन नहीं होता।
6. हमें विजन और उसे धरातल पर उतारने की कला आनी चाहिए।
7. यदि नियम आड़े आ रहे हैं तो उन्हें बदल डालिए, वे हमी ने तो बनाए हैं।