उधर, हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई, इधर ध्यानी जनसुनवाई से बाहर निकले
उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की जनसुनवाई में बतौर पिटकुल एमडी पहुंचे पीसी ध्यानी अचानक बीच में ही छोड़कर चले गए। उनके जाने को पहले तो किसी ने गौर नहीं किया लेकिन जैसे ही सोशल मीडिया में हाईकोर्ट की खबर फैली तो चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। शाम होने तक उनको हटाने, अपर सचिव मेहरबान सिंह बिष्ट को जिम्मेदारी सौंपने की खबर भी आ गई।
शुक्रवार को करीब 12 बजे पिटकुल एमडी पीसी ध्यानी जनसुनवाई कक्ष में पहुंचे। वह यूजेवीएनएल के एमडी डॉ. संदीप सिंघल के बगल में बैठ गए। करीब एक घंटे तक वह यहां बैठे फिर अचानक छोड़कर बाहर निकल गए। बताया जा रहा है कि वह पिटकुल की अपनी गाड़ी से ही बाहर निकले। इसके बाद शाम तक उन्हें पिटकुल एमडी पद से हटाने का आदेश आ गया। हालांकि इस आदेश पर 26 फरवरी की तिथि अंकित है। तिथि पर गौर करें तो इस हिसाब से सरकार ने ध्यानी को 26 को ही हटा दिया था तो 27 को वह बतौर एमडी कैसे जनसुनवाई में शामिल हुए, इस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
पिटकुल के बाहर ऊर्जा मंत्री का पुतला दहन
जन प्रहार के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को पिटकुल मुख्यालय के बाहर ऊर्जा मंत्री की भूमिका के विरोध में उनका प्रतीकात्मक पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों में संयोजक सुजाता पॉल, सहसंयोजक पंकज सिंह क्षेत्री, प्रवक्ता रविन्द्र गुसाईं, नवीन चौधरी, सूरज, आदेश कोहली, कृष कपूर, हिमाल थापा, नसीम मोहम्मद, रफीक मोहम्मद, अभिषेक थापा ने जमकर नारेबाजी की। सुजाता पॉल का कहना है कि न्यायालय की अवमानना से जुड़ा यह प्रकरण केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि शासन की जवाबदेही और कानून के सम्मान का प्रश्न है। पंकज क्षेत्री, रविन्द्र गुसाईं ने मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप कर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की। चेतावनी दी कि अवमानना प्रकरण में कार्रवाई न हुई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा