फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand: प्रधानाचार्य विभागीय परीक्षा पर फिर रोक, शासन ने लोक सेवा आयोग से वापस मांगा प्रस्ताव

Thu, 30 Oct 2025 10:09 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

Uttarakhand News: प्रधानाचार्य सीमित विभागीय परीक्षा आठ फरवरी 2026 को होनी थी। अब शासन ने आयोग से प्रस्ताव लौटाने के लिए कह दिया है।
विज्ञापन
- फोटो : freepik.com(प्रतीकात्मक)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रदेश में प्रधानाचार्य सीमित विभागीय परीक्षा पर एक बार फिर रोक लग गई है। परीक्षा की तिथि घोषित होने के बाद अब शासन ने राज्य लोक सेवा आयोग से परीक्षा कराए जाने का प्रस्ताव वापस मांग लिया है।

विज्ञापन


प्रदेश के राजकीय इंटरमीडिएट कालेजों में प्रधानाचार्य के 1385 पदों में से 1184 पद खाली हैं। सरकार ने इन पदों को भरने के लिए 50 प्रतिशत पदों पर प्रधानाचार्य सीमित विभागीय परीक्षा कराने का निर्णय लिया था। इसके लिए प्रधानाचार्य सेवा नियमावली में संशोधन के बाद शासन ने राज्य लोक सेवा आयोग को भर्ती परीक्षा के लिए प्रस्ताव भेजा था। परीक्षा आठ फरवरी 2026 को होनी थी। अब शासन ने आयोग से प्रस्ताव लौटाने के लिए कह दिया है।

शिक्षा सचिव रविनाथ रामन ने सचिव राज्य लोक सेवा आयोग को इस संबंध में पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के एक सितंबर 2025 के आदेश पर न्याय विभाग का परामर्श लिया जा रहा है। सीमित विभागीय भर्ती परीक्षा का प्रस्ताव वापस किया जाए। आयोग को भर्ती परीक्षा के संबंध में निर्णय से अलग से अवगत कराया जाएगा।
विज्ञापन


गजब: रोजगार का सवाल पूछने पर कर दिया बेरोजगार, PRD जवानों को रेखा आर्या से प्रश्न करना पड़ा भारी; मिली ये सजा

विज्ञापन

अमर उजाला की खबर पर शासन की मुहर
प्रधानाचार्य सीमित विभागीय परीक्षा एक बार फिर स्थगित हो सकी है। इस संबंध में अमर उजाला ने 14 अक्तूबर 2025 को प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। अमर उजाला की खबर पर अब शासन ने भी अपनी मुहर लगा दी है।

शिक्षकों का विरोध भी है वजह
राजकीय शिक्षक संघ प्रधानाचार्य सीमित विभागीय परीक्षा का शुरू से विरोध कर रहा है। आंदोलन के क्रम में शिक्षकों ने एक नवंबर को शिक्षा मंत्री आवास कूच का एलान किया है। बताया गया कि परीक्षा का प्रस्ताव वापस मांगे जाने की एक वजह शिक्षकों का परीक्षा को लेकर विरोध भी है। राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष राम सिंह चौहान का कहना है कि शिक्षक संघ के साथ कार्मिक सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुछ मांगों पर सहमति बनी थी, जब तक इस पर आदेश जारी नहीं होता, शिक्षकों का आंदोलन जारी रहेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें