सिस्टम की खामी उत्तराखंड पावर कारपोरेशन के लाइनमैनों की जान पर भारी पड़ रही है। मरम्मत करते वक्त तारों में अचानक करंट दौड़ने से लाइनमैन बेमौत मर रहे हैं।
पिछले लगभग डेढ़ साल में महज गढ़वाल मंडल में ही 16 लाइनमैनों की करंट लगने से मौत हो चुकी है। विद्युत सुरक्षा विभाग ने इस मामले में पावर कारपोरेशन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। विद्युत सुरक्षा विभाग के मुताबिक, पिछले कुछ साल में प्रदेश में विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ी है।
विद्युत सब स्टेशन और लाइनों में भी बड़े स्तर पर विस्तार हुआ है। इस हिसाब से पावर कारपोरेशन लाइनमैनों के कार्य की ठोस योजना नहीं बना रहा है। लाइन में फाल्ट आने पर लाइनमैन को मोबाइल पर संपर्क कर सीधे फाल्ट ठीक करने भेज दिया जाता है। शटडाउन देने और लाइन चालू करने की प्रक्रिया में लगातार चूक हो रही है।
लाइन पर काम करते वक्त बिजली चालू होने से लाइनमैन करंट की चपेट में आ जाते हैं। कई बार जरूरी दस्ताने और जूते के बिना लाइन पर काम करने से भी खतरा रहता है। देहरादून जोन के विद्युत सुरक्षा अधिकारी आरपी कोटनाला ने बताया कि इस संबंध में पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखकर कार्यप्रणाली में सुधार लाने की हिदायत दी गई है।
लाइनमैनों को समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाता है। अभी 25 जून से बहादराबाद (हरिद्वार) प्रशिक्षण केंद्र में लाइनमैनों का प्रशिक्षण चल रहा है।
- पीसी ध्यानी, डायरेक्टर (एचआर) एवं प्रवक्ता, यूपीसीएल
Published BY : NIrmala Suyal