सरकार का मानना है कि प्रदेश में कई पॉलिटेक्निक कालेजों के पास अपना भवन नहीं है और किराये के भवनों में चल रहे हैं। वहीं, कालेजों में वर्षों पुराने ट्रेड संचालित किए जा रहे हैं। जिन ट्रेडों में प्रशिक्षित युवाओं की उद्योगों में रोजगार के लिए डिमांड नहीं है। पॉलिटेक्निक कालेजों में ऐसे रोजगारपरक कोर्स चलाए जाएंगे। जिनमें रोजगार की ज्यादा संभावनाएं है। इसके लिए भी तकनीकी शिक्षा विभाग प्रस्ताव तैयार कर रहा है।
पॉलिटेक्निक कालेजों की संख्या बढ़ाने से बजाए शिक्षा की गुणवत्ता और सुविधाओं उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी जा रही है। जिन कालेजों में प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या बहुत कम है। ऐसे कालेजों को बंद किया जाएगा। इस संबंध में विभाग प्रस्ताव तैयार कर रहा है।
-डॉ. इकबाल अहमद, अपर सचिव, तकनीकी शिक्षा