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उत्तराखंडः कम छात्र संख्या वाले पॉलिटेक्निक कालेज होंगे बंद, तैयार हो रहा प्रस्ताव 

Fri, 20 Sep 2019 05:25 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • बेहतर सुविधा और रोजगारपरक कोर्स पर सरकार का फोकस
  • वर्तमान में प्रदेश में चल रहे 70 पॉलिटेक्निक कालेज 
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए प्रदेश सरकार कम छात्र संख्या वाले पॉलिटेक्निक कालेजों को बंद करेगी। इसके लिए तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर शैक्षिक सत्र 2019-20 में हुए प्रवेश के आधार पर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जिन पॉलिटेक्निक कालेजों में अलग-अलग ट्रेडों में निर्धारित सीटों से काफी कम छात्रों ने प्रवेश लिया है। उन्हें सरकार इसी सत्र से बंद कर देगी। सरकार का पॉलिटेक्निक कालेजों में शिक्षा की गुणवत्ता और रोजगारपरक कोर्स संचालित करने पर फोकस है। 

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प्रदेश में वर्तमान में 70 पॉलिटेक्निक कालेज संचालित हैं। इन कालेजों में शैक्षिक सत्र 2019-20 के लिए 17220 सीटों पर प्रवेश की अंतिम चरण की प्रक्रिया चल रही है। आल इंडिया काउंसिल फार टेक्नीकल एजूकेशन (एआईसीटीई) के मानकों के अनुरूप कालेजों को चलाने के लिए सरकार ने फैसला लिया है कि कम छात्र संख्या वाले कालेजों को बंद किया जाएगा। यदि किसी कालेज में विभिन्न ट्रेडों में कुल 50 सीटें आवंटित है, लेकिन मात्र 20 छात्रों ने प्रवेश लिया है। ऐसे कालेजों को सरकार बंद कर सकती है।

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कालेजों में वर्षों पुराने ट्रेड संचालित किए जा रहे हैं

सरकार का मानना है कि प्रदेश में कई पॉलिटेक्निक कालेजों के पास अपना भवन नहीं है और किराये के भवनों में चल रहे हैं। वहीं, कालेजों में वर्षों पुराने ट्रेड संचालित किए जा रहे हैं। जिन ट्रेडों में प्रशिक्षित युवाओं की उद्योगों में रोजगार के लिए डिमांड नहीं है। पॉलिटेक्निक कालेजों में ऐसे रोजगारपरक कोर्स चलाए जाएंगे। जिनमें रोजगार की ज्यादा संभावनाएं है। इसके लिए भी तकनीकी शिक्षा विभाग प्रस्ताव तैयार कर रहा है। 

पॉलिटेक्निक कालेजों की संख्या बढ़ाने से बजाए शिक्षा की गुणवत्ता और सुविधाओं उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी जा रही है। जिन कालेजों में प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या बहुत कम है। ऐसे कालेजों को बंद किया जाएगा। इस संबंध में विभाग प्रस्ताव तैयार कर रहा है।
-डॉ. इकबाल अहमद, अपर सचिव, तकनीकी शिक्षा
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