इसके बावजूद फैक्ट्री संचालक पंजीकरण नहीं करा रहे हैं। सुबुद्धि ने बताया कि हरिद्वार में ऐसी 801 फैक्ट्रियां चिन्हित की गई थी लेकिन इसमें 121 फैक्ट्री संचालकों ने पंजीकरण कराने के साथ ही लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी। ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। बता दें कि पहले भी बड़े पैमाने पर फैक्ट्री संचालकों पर कार्रवाई की गई थी।
सीपीसीबी की टीम भी कर रही जांच
उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट के आदेश पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की टीम हरिद्वार समेत राज्य के सभी औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित फैक्ट्रियों व कंपनियों की जांच कर रही है। टीम को सीलबंद लिफाफे में हाईकोर्ट को रिपोर्ट सौंपनी है।
ऐसे में यदि सीपीसीबी की टीम ने सही तरीके से फैक्ट्रियाें की जांच कर दी तो सैकड़ाें फैक्ट्रियों पर ताले लग सकते हैं। बताया गया है कि अधिकतर फैक्ट्रियां प्रदूषण नियंत्रण के नियमों के तहत संचालित ही नहीं की जा रही हैं।