फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दलों की मांगः पैरोल पर छूटे जाएं जेल, चुनाव में बंद हो शराब

Thu, 19 Jan 2017 10:18 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
naseem zaidi
विज्ञापन
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने आई केंद्रीय निर्वाचन आयोग की टीम के समक्ष राजनीतिक दलों ने पैरोल पर छूटे अपराधियों को जेल भेजने की मांग की।
विज्ञापन


वार्ता के दौरान कई दलों ने आयोग से चुनाव में शराब पर पूर्ण पाबंदी लगाने का मुद्दा भी उठाया। मुख्य चुनाव आयुक्त(सीईसी) डॉ. नसीम जैदी की अगुआई में बुधवार को देहरादून पहुंचे आयोग के दल ने राजधानी स्थित एक होटल में सिलसिलेवार बैठकें कीं।

इससे पूर्व मुख्य निर्वाचन आयोग की टीम का जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी, गढ़वाल कमिश्नर विनोद शर्मा, जिलाधिकारी रविनाथ रमन समेत कई अधिकारियों ने स्वागत किया। टीम में उप निर्वाचन आयुक्त विजय देव, महानिदेशक निर्वाचन(व्यय) दिलीप शर्मा, निदेशक धीरेन्द्र ओझा, निखिल कुमार, मुकेश मीना भी शामिल हैं।
विज्ञापन


शराब पर पूर्ण पाबंदी लगाने की मांग
देहरादून स्थित एक होटल में  मुख्य निर्वाचन आयुक्त से दलों के प्रतिनिधि बारी-बारी से मिले और उन्होंने चुनावी तैयारी से जुड़े कई सुझाव दिए और मांगें रखी।

इस दौरान शराबबंदी और पैरोल पर छूटे अपराधियों का मसला प्रमुखता से उठा। चुनाव के दौरान शराबबंदी को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाने वाले उत्तराखंड आंदोलनकारी सम्मान परिषद के पूर्व अध्यक्ष रविंद्र जुगरान ने सीईसी से आग्रह किया कि वह कोर्ट के फैसले के अनुरूप चुनाव में शराब के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए दिशा-निर्देश दें।

विधानसभा चुनाव के दौरान शराब पर पूर्ण पाबंदी लगाने और हाल ही पैरोल पर छूटे अपराधियों को जेल भेजने की मांग उठाई गई। बता दें कि पैरोल पर रिहा किए गए अपराधियों का मसला अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था।

अपराधियों की पैरोल निरस्त हो: भाजपा
भाजपा की निर्वाचन समिति के संयोजक पुनीत मित्तल, डॉ. देवेंद्र भसीन और एडवोकेट अरविंद जैन ने सीईसी से मांग की कि हाल ही जेल से छोड़े गए अपराधियों की पैरोल निरस्त की जाए। उन्होंने तहसील स्तर पर ही नामांकन दाखिल कराने का प्रावधान करने, विस स्तर पर एमसीएमसी समिति गठित करने की भी मांग की।

उन्होंने सेना के पोस्टल बैलेट समय से भेजने और समय पर मतदान कराने का भी सुझाव दिया। साथ ही सैनिक वोटों के लिए ईवीएम की प्रणाली के बारे जानकारी मांगी। आयोग से मतदान के दिन सभी सीमाएं पूरी तरह सील करने, स्थानीय पुलिस के बजाए केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात करने, प्रचार सामग्री की अनुमति विधानसभा स्तर पर कराने और जीरो एड्रेस वाले मतदाताओं के नाम सूची से हटाने का मुद्दा उठाया।

मोदी की कांफ्रेंस आचार संहिता का उल्लंघन: कांग्रेस
कांग्रेस का शिष्टमंडल में शामिल प्रदेश महासचिव राजेन्द्र भंडारी, मुख्य प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी, कै. बलबीर सिंह रावत, ज. गंभीर सिंह नेगी ने आईएमए में 21 जनवरी को प्रस्तावित कमांडर कांफ्रेंस का मुद्दा सीईसी से उठाया।

पार्टी ने कहा कि पीएम नरेन्द्र मोदी व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर इसमें हिस्सा ले रहे हैं। लेकिन सैनिक बाहुल्य राज्य में चुनाव के दौरान हो रही कांफ्रेंस आचार संहिता का उल्लंघन है। पार्टी ने कहा कि वह कांफ्रेंस के खिलाफ नहीं है। पार्टी ने मौसम की दिक्कतों को देखते हुए आयोग से चुनाव 15 फरवरी के बाद कराने की मांग की।

चुनावी बस्तों पर रोक लगाने की मांग
उत्तराखंड क्रांति दल के सुनील ध्यानी, विकास गौड़, रूचिर कटियार, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी के प्रदेश कमेटी के सदस्य सचिव बच्चीराम कौंसवाल, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राजीव कोठारी और बसपा के जिलाध्यक्ष सूरज भान सिंह ने पोलिंग बूथों पर बस्तों पर रोक लगाने की मांग की।

उन्होंने पेड न्यूज पर नजर रखने, केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात करने, सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार रोकने, बीएलओ स्तर पर ही बस्ते लगाने और चुनाव में अंधाधुंध खर्च पर पैनी निगाह रखने की भी मांग की। 
 
सीईओ व नोडल अफसरों से हुई बैठक
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से फीडबैक और सुझाव लेने के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी और नोडल पुलिस अफसर के साथ बैठक की।

इसके बाद आयकर, आबकारी, परिवहन, लोनिवि, ऊर्जा विभाग के नोडल अफसरों से आयोग ने बैठक की। गुरुवार को आयोग सभी जिलाधिकारियों व पुलिस अधीक्षकों और मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक व सचिव गृह की बैठक होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें