दलबदल को लेकर आंशकित भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व को इस बात का इल्म है कि कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत अहम कड़ी है। पार्टी के पास ऐसी सूचनाएं हैं कि हरक की कांग्रेस नेतृत्व से घरवापसी को लेकर बातचीत हो सकती है।
अमित शाह से भी हो सकती है मुलाकात
राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा से मुलाकात के बाद कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत की राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से भी मुलाकात हो सकती है। उन्हें नड्डा ने दिल्ली में ही रुकने की सलाह दी थी। लेकिन अब यह मुलाकात अगले कुछेक दिनों में होगी।
सुबोध उनियाल के नाम की भी चर्चा रही
कैबिनेट मंत्री और शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल को भी भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चाएं खासी गर्म रही। कुमाऊं से ठाकुर सीएम और गढ़वाल से ब्राह्मण अध्यक्ष को आधार बनाकर उनियाल के नाम चर्चाएं हुईं। हालांकि पार्टी के जिम्मेदार पदाधिकारियों ने हरक और उनियाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना से साफ इंकार किया।
चुनाव के लिए अब महज कुछ महीनों का वक्त बचा है। कुछ समय बाद आचार संहिता लग जाएगी। ऐसे में अभी मंत्री बनकर कौन रिस्क लेना चाहेगा। तीन माह में जनता की अपेक्षाओं को पूरा कर पाना मुश्किल है। चुनाव में जनता तो कपड़े फाड़ देगी। अभी मंत्री बनकर कौन अपने कपड़े फड़वाना चाहेगा।
शनिवार को दिल्ली में शीर्ष नेताओं से मुलाकात के बाद लौटे विधायक उमेश शर्मा काऊ ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि अंशकालिक नहीं बल्कि पूर्णकालिक की बात कीजिए। यशपाल आर्य के वापस कांग्रेस में जाने के बाद से उमेश शर्मा काऊ चर्चा में बने हुए हैं। बार-बार इस तरह की बात सामने आ रही है कि काऊ भी कांग्रेस में लौट सकते हैं। जिस तरीके से रायपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा पदाधिकारियों और काऊ के बीच मतभेद बने हुए हैं, उसको देखकर इसकी संभावना भी जताई जा रही है।
हालांकि, काऊ इस सब से इनकार कर रहे हैं। उनका कहा कि अब इतना समय नहीं रह गया है कि मंत्री बनकर कुछ परफॉर्म किया जा सके। उल्टा लोगों को नाराजगी जरूर हो जाएगी। इससे चुनाव में फायदा होने के बजाय नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि हम लोगों के बीच रहकर काम करने वाले हैं। मैं सबसे ज्यादा सक्रिय विधायकों में शामिल रहा हूं। मेरे क्षेत्र की जनता ने 2017 के चुनाव में मुझे प्रदेश में सबसे बड़े अंतर से जीत दिलाई है।
दोबारा सरकार बनाने पर हुई चर्चा
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ मुलाकात के दौरान राज्य में दोबारा सरकार बनाने को लेकर चर्चा हुई। राज्य में पार्टी को मजबूत करने और 60 पार के लक्ष्य को हासिल करने को लेकर बातचीत हुई।
इन दिनों उत्तराखंड में भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों में नेताओं के दल-बदल का दौर जारी है। कुछ समय पहल ही निर्दलीय विधायक प्रीतम पंवार भाजपा में शामिल हो चुके हैं। वहीं पुरोला से कांग्रेस के विधायक रहे राजकुमार भी भाजपा के चले गए हैं। दूसरी ओर पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य और उनके विधायक पुत्र संजीव आर्य की कांग्रेस में वापसी हुई है।
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भाजपा के कई विधायक कांग्रेस के संपर्क में : टम्टा
राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा का दावा है कि भाजपा के कई विधायक कांग्रेस के संपर्क में हैं। गरुड़ आगमन पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने सांसद का स्वागत किया।
शनिवार को टम्टा ने पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण के आवास पर कार्यकर्ताओं से विधानसभा चुनाव की तैयारी में जी जान से जुटने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि आने वाला समय कांग्रेस पार्टी का है। वहां पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी, राजेंद्र टंगड़िया, देवेंद्र परिहार, दीपक पाठक, भरत फर्स्वाण, हरीश भट्ट, उमेश पांडे, प्रकाश कोहली, रंजीत दास आदि थे।