दंगाइयों और बेकाबू भीड़ से निपटने के लिए अब स्कंक स्प्रे का इस्तेमाल होगा। अभी तक दुनिया में सिर्फ इजराइल सेनी इसका प्रयोग करती है। उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बनेगा जहां इसका प्रयोग होगा।
उत्तराखंड पुलिस को इजराइल से दो सौ लीटर स्कंक स्प्रे की डिलीवरी मिल चुकी है। पुलिस मुख्यालय से स्प्रे को हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर भेजा जा रहा है। दंगाइयों से निपटने के लिए उत्तराखंड समेत कई राज्यों को पैलेट गन मिली हैं। जम्मू कश्मीर में पत्थरबाजों पर पैलेट गन के इस्तेमाल पर बखेड़ा खड़ा हो गया था।
मानवाधिकार आयोग और तमाम संगठनों के विरोध के बाद सेना को पैलेट गन का इस्तेमाल बंद करना पड़ा। उत्तराखंड पुलिस ने भी विवादों से खुद को बचाने के लिए स्कंक स्प्रे को विकल्प के रूप में चुना है। इजराइली सेना तीन साल से दंगाइयों को काबू करने के लिए इस स्प्रे का इस्तेमाल कर रही है।
इजराइल में प्रयोग पूरी तरह सफल रहा है। स्कंक स्प्रे जैविक है और स्वास्थ्य के लिए घातक नहीं है। इससे अंगों और त्वचा में कोई नुकसान नहीं। स्कंक स्प्रे से जानवर के सड़े हुए शव जैसी बदबू आती है। स्प्रे युक्त पानी की एक बूंद भी शरीर पर पड़ने के बाद तीन दिन से पहले बदबू नहीं जाती है।