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देखें, कुछ हजार रुपयों के लिए कैसे डोला खाकी का ईमान

Mon, 20 Jul 2015 10:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
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उत्तराखंड में महज 35 हजार रुपए के लिए खाकी का ईमान डोल गया। पढ़ें, चौंकाने वाला खुलासा...
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रुड़की में सिविल लाइंस पुलिस द्वारा बीते गुरुवार को गिरफ्तार किए गए दो मुंह वाले दुर्लभ सांप की तस्करी करने वाले गिरोह के सदस्य करीब डेढ़ माह पहले भी गंगनहर पुलिस ने पकड़ा था।

उस समय खाकी का ईमान डगमगा गया था। 35 हजार रुपए लेकर एक दारोगा और चार सिपाहियों ने उन्हें छोड़ दिया था। मामले से पर्दा तब उठा जब सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया और पूछताछ की।
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एसएसपी ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए थे। पुष्टि होने पर एक दारोगा और चार सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

वन्य जीव तस्करों के गिरोह के पास से 17.5 लाख रुपए भी बरामद हुए थे। पुलिस ने पूछताछ के बाद गिरोह के तीन सदस्यों को जेल भेज दिया था। जबकि कुछ अन्य सदस्यों की जांच की जा रही है।
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पुलिस से भिड़ा आरोपी तो खुला रिश्वत का सच

मामले में उस समय नया मोड़ आ गया था जब पकड़ा गया एक आरोपी पुलिस से यह कहते हुए भिड़ गया कि उसने तो उनको 35 हजार रुपए दिए हैं, फिर क्यों पकड़ा जा रहा है।

जब इस बात की जानकारी एसएसपी स्वीटी अग्रवाल को मिली तो उन्होंने मामले की गंभीरता देखते हुए सीओ कुलदीप असवाल को जांच सौंपी थी।

सीओ की जांच में पाया गया कि तस्करों को एक माह पूर्व गंगनहर कोतवाली की सिविल अस्पताल चौकी के दारोगा धर्मेंद्र राठी और चार पुलिस कर्मियों ने पकड़ा था। पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाए उन्हें 35 हजार रुपए लेकर छोड़ दिया था।

जांच रिपोर्ट में पुष्टि हो जाने के बाद एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने रविवार को आरोपी दारोगा धर्मेंद्र राठी और कांस्टेबल रियाज अली, अर्जुन, सुशील और मुकेश चौहान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच भी बैठा दिया गया है। एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने बताया कि गरिमा के विरुद्ध यदि कोई भी पुलिसकर्मी कार्य करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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