बता दें कि इसके लिए हर जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति का गठन भी किया गया है। हालांकि, एलआईयू को प्रथम चरण में सिर्फ यही देखना है कि कितने मदरसे अवैध और कितने वैध हैं।
इसके बाद ही अगली जांच की जाएगी। इस मामले में अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन एपी अंशुमान ने बताया कि शासन के निर्देशों के बाद सभी जिलों के पुलिस प्रभारियों को सत्यापन संबंधी पत्र जारी किए गए हैं। एक माह के बाद रिपोर्ट सौंपने के निर्देश पुलिस प्रभारियों को दिए गए हैं।