सोशल मीडिया में कितनी ताकत है, इसका अंदाजा रविवार को उत्तराखंड पुलिस के आंदोलन से लगा। केवल सोशल मीडिया के दम पर ही वायरल हुई तस्वीरों ने पुलिस महकमे के अलावा सरकार तक को हिला दिया है।
उत्तराखंड में पहली बार इस तरह का कोई आंदोलन (मिशन आक्रोश) चला, जिसमें न तो किसी ने नारेबाजी की और न ही किसी ने कोई धरना प्रदर्शन। हालांकि, प्रदेश में कुछ जगहों पर पुलिसकर्मियों को उनके ही अधिकारियों ने काली पट्टी बंधे होने पर चेतावनी जरूर दी।
वेतन विसंगतियों की वजह से पुलिसकर्मी परेशान हैं। अपनी इस परेशानी को कभी आंदोलन का रूप प्रदेश में नहीं दिया। लेकिन इस बार आंदोलन किया और हाईटेक आंदोलन ने तस्वीर बदलने का काम कर दिया।
जो पुलिसकर्मी आंदोलनकारियों को कानून व्यवस्था में रखने के लिए ड्यूटी करते हैं, उन्होंने अपने आंदोलन को चलाने के लिए सोशल साइट्स का सहारा लिया।