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जानिए, क्यों पुलिस महकमे में मचा है कोहराम

Mon, 17 Aug 2015 07:35 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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अनुशासित बल माने जाने वाले पुलिस विभाग में भड़की विरोध की चिंगारी से उत्तराखंड प्रदेश में कोहराम मच गया।
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उत्तराखंड भर के पुलिस कर्मचारियों ने अपनी बात कहने के लिए जो तरीका अपनाया उसकी कल्पना न तो पुलिस के आला अधिकारियों को थी, न ही शासन को उसकी भनक थी।

विभाग के आला अधिकारियों के फरमान की अनदेखी और खुफिया तंत्र को नाकाम करते हुए प्रदेश भरके पुलिस कर्मचारियों ने कहीं पर खुलकर तो कहीं पर छिपकर अपने हाथों पर काली पट्टी बांधकर वेतन विसंगति के संबंध में प्रतीकात्मक विरोध किया।

हड़ताल न धरना-प्रदर्शन और न ही नारेबाजी के हुए विरोध की तस्वीरें सोशल मीडिया के माध्यम से वायरल हुईं तो पुलिस महकमे से लेकर शासन तक में खलबली मच गई। विरोध में जहां कुछ पुलिस कर्मचारियों ने खुलकर भाग लिया, वहीं कुछ ने छिपकर हाथों में काली पट्टी बांधकर आंदोलन को हवा दी।
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यह स्थिति तब रही, जबकि सुबह से ही सभी जिले की पुलिस लाइन में काली पट्टी बांधने पर पुलिसकर्मियों को कार्रवाई का डर दिखाया गया था। सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों के बाद दोपहर में पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू ने आपात बैठक करने के बाद वीडियो कांफ्रेंस से हर जिले का हाल जानने के बाद विरोध में भाग लेने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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फेसबुक और व्हाट्स एप पर पोस्ट कर दी फोटो

बता दें कि पुलिस विभाग में पिछले कई दिनों से वेतन विसंगति और उत्पीड़न के संबंध में 16 अगस्त को काली पट्टी बांधकर विरोध करने का संदेश सोशल साइट पर चल रहा था। पुलिस के आला अफसरों ने गोपनीय रूप से खुफिया तंत्र को सक्रिय कर इसके पीछे सक्रिय पुलिसकर्मियों को चिह्नित करने को कहा था।

थाना और चौकियों में बैठक कर पुलिसकर्मियों को कार्रवाई का डर दिखाया था। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर सभी जिलों की पुलिस लाइन में रविवार सुबह पुलिसकर्मियों की बैठक बुलाकर काली पट्टी नहीं बांधने की हिदायत दी गई। थाना और चौकी प्रभारियों को भी नजर रखने के लिए कहा गया था।

इसके बावजूद विरोध की चिंगारी नहीं बुझी। पुलिस के आला अधिकारी शायद इस मुगालते में थे कि अनुशासित बल होने और कार्रवाई के डर से पुलिस कर्मचारी विरोध करने की हिम्मत नहीं कर पाएंगे, लेकिन यहीं पर वह गलत थे और गलत साबित भी हुए।

नई टिहरी, ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार जिलों में कई पुलिसकर्मियों ने काली पट्टी बांधकर खुलकर विरोध जताया तो पुलिस विभाग में खलबली मच गई। सोशल साइट पर दिन भर काली पट्टी बांधे पुलिस कर्मचारियों फोटो पोस्ट किए जाने का सिलसिला चलता रहा।

देहरादून के पुलिसकर्मियों ने लुके-छिपे फोटो खिंचवाकर फेसबुक और व्हाट्स एप पर पोस्ट कर दिए थे, जिनमें से कई के चेहरे खुले थे। हालांकि, उन पुलिसकर्मियों ने उन फोटो को पुराना बताया है।

पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू ने दोपहर में विभाग के आला अधिकारियों के साथ आपात बैठक करके हालात पर चर्चा की। बाद में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सभी जिलों के पुलिस कप्तानों से बात करके पुलिस कर्मचारियों के विरोध की जानकारी ली। साथ ही विरोध करने में शामिल पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर कार्रवाई के निर्देश दिए।

निश्चित रूप से होगी कार्रवाई : डीजीपी
पुलिस महानिदेशक का कहना है कि वेतन विसंगति का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। पुलिस मुख्यालय करीब डेढ़ माह पहले एरियर से जुड़े मसले को सुलझाने के लिए शासन को पत्र लिख चुका है।

कुछ पुलिसकर्मियों ने गलत संदेश देकर दूसरे कर्मचारियों को गुमराह करने का काम किया है। ऐसे लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस विभाग में इस तरह की अनुशासनहीनता बरदाश्त नहीं की जाती।
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