वायरल वीडियो में वर्दी पहने थानाध्यक्ष गालियां देते हुए नजर आ रहे हैं। जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए कह रहे हैं कि तेरे जितने गट्स हैं, आजमा ले। जेल भेज दूंगा, जिससे बात करनी है कर ले। जिसको फोन करना है कर ले। आंखें खींच लूंगा तेरी, ये शेर है उत्तरकाशी का। इतने में एक पुलिस कर्मी जिसे दीवान जी संबोधित किया जा रहा है, गाली देते हुए विक्रम से कह रहा है कि चल हवालात में। दीवान कहता दिख रहा है कि इसने (विक्रम) एसओ साहब (थानाध्यक्ष) से बहस की है।
यानी कि मामला केवल बहस का है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि विक्रम का कोई दोष था, तो पुलिस को उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए लेकिन पुलिस ने सिर्फ पुलिस एक्ट में चालान करके व्यापारी को छोड़ दिया। अब गेंद पुलिस के आला अधिकारियों के पाले में हैं। वायरल वीडियो का सच भी जांच में सामने आएगा। यह मामला सोशल मीडिया में भी खूब वायरल हो रहा है।
मामला संज्ञान में है। धारचूला के पुलिस उपाधीक्षक विमल आचार्य को जांच के निर्देश दे दिए हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-आरसी राजगुरु पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़