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उत्तराखंड पुलिस का व्यापारी से अभद्रता और मारपीट का वीडियो हुआ वायरल, जांच के निर्देश 

Fri, 18 Oct 2019 08:35 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाल, मुनस्यारी/पिथौरागढ़
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वायरल वीडियो - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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‘जेल भेज दूंगा, जिससे बात करनी है कर ले’ ...।’ ये शब्द कहीं से भी आपको सभ्य नहीं लग रहे होंगे। दरअसल, ये अपशब्द मित्र पुलिस कही जाने वाले मुनस्यारी पुलिस के थानाध्यक्ष ने एक व्यापारी को कहे हैं, थानाध्यक्ष इतने पर भी नहीं रुके और जाति सूचक शब्दों का भी इस्तेमाल करने के साथ व्यापारी को पीटा भी।

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थानाध्यक्ष की सारी बात एक वीडियो के सामने आने के बाद वायरल हो गई है। वीडियो में थाने का दीवान (हेड कांस्टेबल) भी गाली देता दिखाई दे रहा है। बुधवार को व्यापारी विक्रम सिंह जंगपांगी को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था। बृहस्पतिवार को उसे जिला अस्पताल से सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी रेफर कर दिया गया। 

बुधवार को मुनस्यारी में रेस्टोरेंट चलाने वाले विक्रम सिंह जंगपांगी ने डीएम और एसडीएम मुनस्यारी को दिए पत्र में कहा था कि 14 अक्तूबर की दोपहर में मुनस्यारी के थानाध्यक्ष होटल (रेस्टोरेंट) में आए और बैठने के लिए चार कुर्सियां मांगने लगे। उस समय रेस्टोरेंट में ग्राहक बैठे थे। कुर्सियों को लेकर विवाद हुआ। विक्रम के अनुसार थानाध्यक्ष देख लेने की धमकी देकर चले गए।
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रात को थानाध्यक्ष फिर रेस्टोरेंट आए और हाथापाई की और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। हाथापाई में उसे काफी चोट आई। वह थाने गया तो वहां भी उसके साथ गाली-गलौच और मारपीट की गई। पुलिस ने जबरदस्ती 250 रुपये का चालान काट दिया। बुधवार को थानाध्यक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया था। 

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क्या है वीडियो में 

वायरल वीडियो में वर्दी पहने थानाध्यक्ष गालियां देते हुए नजर आ रहे हैं। जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए कह रहे हैं कि तेरे जितने गट्स हैं, आजमा ले। जेल भेज दूंगा, जिससे बात करनी है कर ले। जिसको फोन करना है कर ले। आंखें खींच लूंगा तेरी, ये शेर है उत्तरकाशी का। इतने में एक पुलिस कर्मी जिसे दीवान जी संबोधित किया जा रहा है, गाली देते हुए विक्रम से कह रहा है कि चल हवालात में। दीवान कहता दिख रहा है कि इसने (विक्रम) एसओ साहब (थानाध्यक्ष) से बहस की है।

यानी कि मामला केवल बहस का है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि विक्रम का कोई दोष था, तो पुलिस को उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए लेकिन पुलिस ने सिर्फ पुलिस एक्ट में चालान करके व्यापारी को छोड़ दिया। अब गेंद पुलिस के आला अधिकारियों के पाले में हैं। वायरल वीडियो का सच भी जांच में सामने आएगा। यह मामला सोशल मीडिया में भी खूब वायरल हो रहा है। 

मामला संज्ञान में है। धारचूला के पुलिस उपाधीक्षक विमल आचार्य को जांच के निर्देश दे दिए हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। 
-आरसी राजगुरु पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़
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