वे अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से वहां पहुंचे तो उन्हें अनुपम की जगह क्लब का मैनेजर अर्जुन पंवार मिला। क्लब के रेस्टोरेंट में करीब तीस मिनट बैठने के बाद मैनेजर ने नोटों से भरा बैग उन्हें दिया। पार्किंग तक मैनेजर ही बैग लेकर आया था। इस कारण वे रकम नहीं गिन पाए।
क्लब से निकलते ही एक स्कॉर्पियो उनके पीछे लग गई। गाड़ी में सवार लोगों ने मधुबन होटल के पास ओवरटेक कर उन्हें रोक लिया। गाड़ी से उतरे दो वर्दीधारियों ने आचार संहिता का हवाला देते हुए उनकी गाड़ी की तलाशी शुरू कर दी।
नोटों से भरा बैग मिलने पर दोनों ने उन्हें उतारकर अपनी गाड़ी में बैठा दिया। एक जवान उनकी गाड़ी लेकर पीछे-पीछे चल दिया। गाड़ी चला रहे वर्दीधारी ने बताया कि सादी वर्दी में बैठा शख्स आईएएस अधिकारी है। रास्ते में इन लोगों ने नोटों से भरा बैग मिलने पर अनुरोध पंवार को आतंकित भी किया। सर्वे चौक के पास आरोपियों ने उन्हें गाड़ी से उतार दिया और नोटों से भरा बैग छीनकर ले गए।
अनुरोध उस समय यह सोचकर घर लौट गए कि चुनावी टीम ने उनका बैग जब्त किया है। अगले दो दिन तक किसी थाने में रकम जब्त होने की बात सामने नहीं आई तो उन्हें शक हुआ। पंवार का आरोप है कि अनुपम शर्मा के कहने पर वर्दीधारियाें ने योजना के तहत उनका पैसा लूटा है।
पंवार की शिकायत सुनकर पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिस अधिकारी मंगलवार को दिन भर घटनाक्रम को लेकर मंथन करते रहे। देर रात जाकर अनुरोध पंवार की तरफ से प्रॉपर्टी डीलर अनुपम शर्मा और तीन पुलिस कर्मियाें के खिलाफ धारा 392 (लूट) और 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। बुधवार को एसएसपी ने उप निरीक्षक दिनेश नेगी, चालक कांस्टेबल हिमांशु और घुड़सवार पुलिस के कांस्टेबल मनोज अधिकारी को निलंबित कर दिया।
शिकायतकर्ता अनुरोध पंवार की तहरीर पर प्रॉपर्टी डीलर अनुपम शर्मा और तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ डालनवाला कोतवाली में लूट की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दरोगा दिनेश नेगी समेत तीनों पुलिसकर्मियों को गलत कार्य और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। विवेचना में आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-अजय रौतेला, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल रेंज।