पुलिस पर रिश्वत लेने या कार्रवाई नहीं करने जैसे मामले तो अक्सर सामने आते रहते हैं, लेकिन रुड़की में मित्र पुलिस इन सबसे आगे निकल गई।
पुलिसकर्मियों पर चोरों से बरामद कोतवाली के बाहर खड़े टैंकर से ही तेल चोरी करने का आरोप है। खाकी की यह कारगुजारी कैमरे में भी कैद हो गई। अधिकारी फिलहाल इस बारे में जानकारी होने से इनकार कर रहे हैं।
बीते सात अगस्त को गंगनहर कोतवाली पुलिस ने इंडियन ऑयल कारपोरेशन की पाइप लाइन में वाल्व लगाकर तेल चोरी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ कर आठ तस्करों को गिरफ्तार किया था।
एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने खुद गंगनहर कोतवाली में तेल चोरी का खुलासा किया था। गिरोह से बरामद तेल से भरा टैंकर इसके बाद से ही कोतवाली गंगनहर के बाहर खड़ा है।
आरोप है कि टैंकर से कोतवाली के पुलिसकर्मियों ने तेल चोरी करना शुरू कर दिया। जो कैमरे में भी कैद हो गया। जिसमें पुलिसकर्मी बाल्टी से तेल निकालते हुए साफ नजर आ रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो गिरोह पकड़ में आने के बाद पुलिसकर्मियों को जब भी जितने भी डीजल की जरूरत हुई, टैंकर से पूरी की गई। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों की तेल चोरी के खुलासे का दावा करने वाली पुलिस अगर खुद भी तेल चोरी कर रही है, तो पकड़े गए गिरोह के सदस्यों में खाकी को दागदार कर रहे पुलिसकर्मियों में आखिर क्या फर्क रहा।