फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नवजात शिशुओं के मामले में रंग लाई मुहिम

Wed, 18 Nov 2015 04:11 PM IST
राकेश शर्मा/ अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
नवजात शिशुओं के लावारिस हालत में शव मिलने के मामलों में देहरादून पुलिस ने मंगलवार को दूसरा मुकदमा दर्ज किया है।
विज्ञापन


सोमवार को रायपुर पुलिस ने शमशेरगढ़ से मिले लावारिस शिशु केशव मामले में मुकदमा दर्ज किया था। मंगलवार को रेसकोर्स रोड से लावारिस हालत में मिले नवजात के शव के संबंध में डालनवाला कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

भारतीय दंड संहिता की धारा-318 के तहत दर्ज दोनों मुकदमों में पुलिस खुद वादी बनी है। विवेचकों को मामले की गहनता से जांच-पड़ताल के निर्देश दिए गए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. सदानंद दांते ने भविष्य में इस तरह की कोताही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
विज्ञापन


अमर उजाला ने लावारिस हालत में मिलने वाले नवजात शिशुओं के शव का मुद्दा उठाकर पुलिस की कार्यशैली को सवालों के घेरे में खड़ा किया था। ऐसे मामलों में पुलिस की तरफ से कार्रवाई नहीं होने के कारण नवजात शिशुओं को लावारिस हालत में फेंकने की घटनाएं बढ़ती जा रही थीं।

15 नवंबर के अंक में जन्मदाता ने ही ठुकराया, तो पुलिस क्यों सर खपाए, रिपोर्ट प्रकाशित कर यह भी बताया गया था कि आईपीसी की धारा-317 और 318 में 12 साल तक के बच्चे को लावारिस छोड़ने पर कानूनन दंड का प्रावधान है। धारा-318 में दर्ज केस में दोषियों को सात साल के कारावास के साथ जुर्माने की सजा हो सकती है।

अमर उजाला की पहल के बाद पुलिस हरकत में आई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। अब उसका असर दिखने लगा है।

पहला मुकदमा
रायपुर थाने में धारा-318 के तहत पहला मुकदमा उपनिरीक्षक ब्रजपाल सिंह की तरफ से दर्ज कराया गया है। नवजात शिशु का शव लावारिस हालत में 19 सितंबर को शमशेरगढ़ में रिस्पना नदी से मिला था।

दूसरा मुकदमा
डालनवाला कोतवाली में दूसरा मुकदमा दर्ज किया गया है। आराघर चौकी के दारोगा अनिल बिंजोला की तरफ से अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। लावारिस शिशु का शव 31 अक्तूबर को रेसकोर्स रोड पर मिला था।

डीजीपी ने सभी जनपदों को जारी किये निर्देश
पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू ने अमर उजाला की मुहिम का संज्ञान लेते हुए पुलिस को लावारिस हालत में मिलने वाले शिशुओं अथवा उनके शव के संबंध में किसी तरह की कोताही नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं।

डीजीपी ने बताया कि सभी जनपदों के एसएसपी को निर्देश जारी किया गया है कि ऐसे मामलों में भारतीय दंड संहिता की धारा-317 और 318 के तहत मुकदमा दर्ज कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। सभी पुलिस कप्तानों को भेजे निर्देश में कहा गया है कि इस संबंध में किसी तरह की हीलाहवाली नहीं होनी चाहिए।
विज्ञापन


लावारिस शिशु के शव की पीएम रिपोर्ट के आधार पर बिना देरी के रिपोर्ट दर्ज की जाए। पर्यवेक्षण अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि मुकदमे की विवेचना में केवल औपचारिकता ही न निभाई जाए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें