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‘अस्तबलों’ में रहते हैं उत्तराखंड पुलिस के जवान

Sun, 16 Mar 2014 01:03 PM IST
अमर उजाला, हल्द्वानी
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हर ओर होली का उल्लास है, मगर पुलिस को त्योहारों को समाज के साथ मनाने का कभी मौका नहीं मिलता।
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एक छत तक नहीं दे पाई सरकार
24 घंटे की इस नौकरी में सारे त्योहार वर्दी पहनते ही दूर हो जाते हैं। इस सबके बावजूद उत्तराखंड पुलिस के सिपाहियों को सरकार एक छत तक नहीं दे पाई है। वो जिन बैरकों में रहते हैं उनके हालात ‘अस्तबलों’ से भी बदतर हैं।

अफसरों पर सामाजिक और राजनीतिक दोनों तरह का दबाव रहता है। इससे कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सख्ती दिखाने में व्यवहारिक दिक्कतें आती हैं।

हमारे राज्य की पुलिस यदि हर दबाव से खुद को मुक्त कर अपनी कार्यसंस्कृति में भी कुछ बदलाव लाए तो मित्रता के नारे को ऊंचा किया जा सकता है। यह कहना है राज्य के रिटायर्ड पुलिस महानिदेशक डा. विजय राघव पंत का।
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1978 बैच के आईपीएस डा. पंत ने उत्तराखंड पुलिस की अच्छाइयों के साथ बुराइयों को भी राज्य बनने के बाद 13 साल तक करीब से देखा है।

पब्लिक का रहता है दबाव
वो कहते हैं कि हमारी पुलिस दूसरे राज्यों की अपेक्षा फिर भी बेहतर है, मगर दुर्भाग्य है कि सरकार और जनता दोनों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलता। यदि कोई आपराधिक घटना हो जाती है, तब पब्लिक का दबाव इस कदर रहता है।

जिससे जांच में कई अड़चनें पैदा होती हैं। पूरा पुलिस डिपार्टमेंट गलत नहीं कहा जा सकता। अफसर और सिपाही कभी-कभी इसलिए भी ढीले पड़ जाते हैं क्योंकि वो इस राज्य की जनता से कहीं न कहीं दिल से जुड़े हैं। जबकि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त भी बनना पड़ता है।

रिटायर्ड डीजीपी का कहना है कि सबसे पहले जरूरत है पुलिस के सिपाहियों और अफसरों का मनोबल बढ़ाने की। अपराध के आंकड़ों को घटाने-बढ़ाने से कुछ नहीं होता। उन अपराधों को जमीनी स्तर पर कितना निपटाया गया, यह ज्यादा जरूरी है।
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पुलिस में चाहिए संपूर्ण सुधार
पुलिस को सहयोग चाहिए तो साथ में उसे अपने काम करने के तरीके में निचले स्तर से लेकर ऊपर तक संपूर्ण सुधार लाना होगा। पुलिसकर्मियों के लिए उपेक्षा वाला भाव भी राज्य में दूर होना चाहिए।

जो अच्छे अफसर या सिपाही हैं और कर्तव्य को अपना सबकुछ समझते हैं, उनसे दूसरे पुलिसकर्मियों को भी एक सीख लेनी चाहिए।

हमारा राज्य छोटा है और राजनीतिक, सामाजिक सहयोग के साथ विभागीय सुधार पर ही हम कानून व्यवस्था की बेहतरी की उम्मीद कर सकते हैं।
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