रोशनाबाद की जमीन बेचकर झबरेड़ा में शिफ्ट होना चाहती थी महिला
एसएसपी के अनुसार रुपये हड़पने के लिए छुन्ना सिंह ने महिला को साथ रखने का वादा किया। विश्वास करते हुए ममता ने कांठ में संपत्ति बेचकर रोशनाबाद में जमीन खरीदी। बचे पैसे से छुन्ना सिंह को ऑल्टो कार भी खरीदकर दी। इसके बाद जब महिला ने रोशनाबाद की जमीन बेचकर झबरेड़ा में शिफ्ट होने का प्लान बनाया तो इसी बीच हेड कांस्टेबल छुन्ना सिंह ने हत्या की साजिश रच दी। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि उसने ऑल्टो कार में अपने दोस्तों के साथ मिलकर मां और बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी। बेटे की लाश को उसने नाले में फेंका और मां को नहर में फेंक दिया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त ऑल्टो कार और आरोपियों में बंटे दस लाख रुपये भी बरामद किए हैं।
कमीज पर मिले टैग और डीलर के विजिटिंग कार्ड से हुई थी नरेंद्र की पहचान
नाले में मिली नरेंद्र की लाश की शिनाख्त कमीज पर मिले टेलर के टैग और जेब में पॉपर्टी डीलर के विजिटिंग कार्ड से हुई थी। पुलिस पहले टेलर और उसके बाद मृतक के घर पहुंची। पुलिस पूछताछ में पता चला कि मृतक की मां ने बीते वर्ष दिसंबर में अपने मकान की रजिस्ट्री 20 लाख रुपये में कर हरिद्वार चली गई। नए मकान मालिक से मिले संदिग्ध मोबाइल नंबर के आधार पर मृतक की मां की तलाश एवं पड़ताल शुरू हुई तो परत-दर परत खुलती गई। सामने आए सबूतों के आधार पर पुलिस टीम आरोपी हेड कांस्टेबल तक पहुंची।
एसओ झबरेड़ा बने वादी, तब दर्ज हुआ मुकदमा
नाले से मिले किशोर के शव की पहचान नहीं होने पर एसओ झबरेड़ा अंकुर शर्मा वादी बने और 302 में मुकदमा दर्ज किया गया। मृतक की जेब में उस प्रॉपटी डीलर का कार्ड मिला था, जिसने रोशनाबाद का मकान खरीदा था। तीन लोग इसे बेचने में शामिल रहे। यह बात प्रापर्टी डीलर से ही पता चली। पुलिस पूछताछ और फोन की सीडीआर निकाली गई तो आरोपी स्वयं अपना गुनाह स्वीकार करते चले गए।