माना जाता है कि यदि शुरुआत बड़े अपराध से होती है तो पूरे साल इसी तरह के मामले आएंगे। यही वजह है कि हर किसी की तरह बुरा वक्त न आए इसके लिए पुलिस भी तरह तरह के टोटके अपनाती है।
इसके लिए बाकायदा पुलिस (मुंशी) 31 दिसंबर रात 12 बजे जीडी की आरती भी करते हैं और अपने आराध्य से प्रार्थना करते हैं कि थाने को हत्या, लूट, डकैती जैसे संगीन अपराधों से दूर रखे।
यही कारण है कि थानों में पहला मुकदमा या तो एनडीपीएस का होता है या एक्साइज एक्ट का। जिसमें आरोपियों को पकड़ा जाता है यानी गुडवर्क दिखाया जाता है।
कई बार तो ऐसा भी होता है कि यदि 12 बजे के बाद कोई अपराध हुआ तो पुलिस गुडवर्क का इंतजार ही करती है। इसके बाद ही अपराध दर्ज किया जाता है।
कुछ कोतवाली-थानों में पहला अपराध संख्या
- शहर कोतवाली : रात दस बजे तक कोई मुकदमा नहीं।
- पटेलनगर कोतवाली : एनडीपीएस एक्ट के तहत एक गिरफ्तार।
- डालनवाला कोतवाली : 60 आबकारी एक्ट के तहत दो गिरफ्तार।
- प्रेमनगर थाना : आर्म्स एक्ट के तहत दो गिरफ्तार।
- वसंत विहार थाना : एनडीपीएस एक्ट के तहत दो गिरफ्तार।