प्रदेश के कई इलाके नई बनाई गई फुटहिल श्रेणी में शामिल होंगे। इसमें मुख्य तौर पर पहाड़ी क्षेत्रों के वह इलाके शामिल होंगे, जो समतल भूमि पर बसे हैं। गढ़वाल में श्रीनगर, गोचर और कुमाऊं में बैजनाथ, सोमेश्वर जैसे इलाके इसमें शामिल होंगे। इसके अलावा कई अन्य इलाकों के बहुत छोटे-छोटे हिस्से भी इसमें रहेंगे। राजधानी में मसूरी रोड (डायवर्जन और राजपुर से मसूरी की ओर) और सहस्त्रधारा रोड का बड़ा हिस्सा इस श्रेणी में शामिल है। इस श्रेणी में सभी मानक मैदान के लागू होंगे लेकिन भवनों की ऊंचाई 21 मीटर से अधिक नहीं होगी।
फुटहिल श्रेणी में कई इलाके शामिल
वन टाइम सेटलमेंट योजना के तहत सरकार जो भी राजस्व कमाएगी, उसका 70 फीसदी पार्किंग के विकास और हरित क्षेत्र को बढ़ावा देने में खर्च किया जाएगा। सरकार ने बिल्डिंग बायलॉज में भी पार्किंग की अनिवार्यता के महत्वपूर्ण प्रावधान करने की व्यवस्था की है।
प्राधिकरणों की सुधरेगी हालत
एमडीडीए, एचआरडीए समेत सभी विकास प्राधिकरणों की वित्तीय हालत में इस योजना से सुधार होने की उम्मीद है। हालांकि कुल राजस्व के 70 फीसदी खर्च की व्यवस्था पहले तय कर दी गई है। उसके बाद भी 30 फीसदी धनराशि प्राधिकरण के पास रहेगी। इसका उपयोग प्राधिकरण की विभिन्न विकास योजनाओं व अन्य व्यवस्थागत खर्चों में किया जा सकेगा।