बन गई थी मित्र पुलिस के रूप में पहचान
मित्रता सेवा सुरक्षा ध्येय वाक्य के साथ उत्तराखंड पुलिस ने अपनी नई पहचान बनाने की कोशिश की थी। कई मायनों में पुलिस ने इसे सिद्ध किया। सेवा के रूप में भी और सुरक्षा के रूप में भी लेकिन सबसे ज्यादा पहचान पुलिस को मित्र पुलिस के रूप में मिली। अपने मित्रवत व्यवहार का असर इतना हुआ कि कई बार लोगों ने इसका अलग ही मतलब निकालना शुरू कर दिया। कई मोर्चे ऐसे भी आए जहां पुलिस को मित्र पुलिस ही कहा जाने लगा।
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लोगो में लॉरेल रीथ ही क्यों
पुलिस के लोगो में लॉरेल रीथ यानी तेजपत्ता की पत्तियों की माला विजय, सम्मान, गौरव और सत्यनिष्ठा का प्रतीक मानी जाती है। प्राचीन ग्रीक और रोमन संस्कृति में इसे ओलंपिक विजेताओं, योद्धाओं और विद्वानों को उनके असाधारण कार्यों और वीरता के लिए पहनाया जाता था। पुलिस महकमे के प्रतीक चिह्न में इसे शामिल करने का मुख्य उद्देश्य कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस के गौरवशाली इतिहास, साहस और समाज के प्रति उनकी सेवा व समर्पण को प्रदर्शित करना है। आईपीएस लोगो, उत्तर प्रदेश पुलिस, सीआरपीएफ, तेलंगाना पुलिस, बीएसएफ आदि फोर्स के लोगो में लॉरेल रीथ लगी हुई है।