मेट्रो रेल को हस्तांतरित कीं रोपवे परियोजनाएं
प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं के लिए सरकार ने रोपवे परियोजनाएं मेट्रो रेल निगम को हस्तांतरित कर दी हैं। इसमें रानीखेत से चौबटिया, कसारदेवी से अल्मोड़ा, अल्मोड़ा से द्वाराहाट दूनागिरी, द्वाराहाट से कुकुछीना-पांडुखोली, चौखुटिया से तरगताल-कुकुछीना, चौघानपाटा से बेस अस्पताल, बेस अस्पताल से नवीन कलक्ट्रेट, नवगढ़ क्लब तल्लीताल बाजार से गंगनाथ मंदिर शामिल हैं।
नीलकंठ और हरिद्वार रोपवे पर फोकस
सचिव आवास डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि सबसे पहले ऋषिकेश त्रिवेणी घाट से नीलकंठ मंदिर और हरिद्वार के इंटीग्रेटेड रोपवे पर फोकस किया जा रहा है। नीलकंठ रोपवे की लंबाई छह किमी होगी। पहले चरण में 4.1 किलोमीटर लंबा रोपवे त्रिवेणी घाट से नीलकंठ महादेव मंदिर तक बनाया जा रहा है। इस परियोजना के पूर्ण होने पर ऋषिकेश में यातायात का दबाव काफी कम हो सकेगा। चंडी देवी से मनसादेवी रोपवे परियोजना के तहत मौजूदा अलाइनमेंट के अतिरिक्त दो समानांतर नए अलाइनमेंट विकसित किए जा रहे हैं।
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उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए रोपवे कनेक्टिविटी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे न केवल धार्मिक और पर्यटन स्थलों की पहुंच आसान होगी, बल्कि सड़कों पर यातायात का दबाव कम होने के साथ ही पर्यावरण की सुरक्षा भी हो सकेगी। पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। -पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री