उत्तराखंड का भी अजीब हाल है। तमाम तांत्रिक ज्ञानियों ने टोटके समझाकर अच्छे खासे प्रभावशाली लोगों को बेघर कर दिया है।
सूबे के निजाम ने महल छोड़ दिया और दो कमरों वाली एक आरामगाह में रहने चले गए। किसी ने बता दिया कि यदि महल में रहे तो सल्तनत नहीं चला पाओगे। बस फिर क्या था, करोड़ों अशर्फियां खर्च करके तैयार महल भूत बंगला बन गया। वो तो भला हो बड़े साहब का जो नौकरी खत्म करके महल को गुलजार करने में लगे हैं।
अब दूसरी मिसाल देखिए। नौकरशाही के निजाम भी अपने घर में रहने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। अभी तक जो उनका आवास था उस पर पहले वालों का कब्जा है। जो नया बनकर तैयार हुआ है उस पर भी कई सूबेदारों की निगाह लगी है। अब सुना है कि नौकरशाही के निजाम का ठिकाना भी तय नहीं हो पा रहा है।