अधिवक्ता स्व. दिनेश चंद्र शाह की पोती प्रिया आज इस मुकाम पर दादा के आशीर्वाद से पहुंची हैं। उसने बताया कि दादा की मृत्यु से कुछ समय पहले ही उन्होंने मुझसे कुछ बड़ा बनने की बात कही थी। जो बात हमेशा उनकी माता किरन शाह उन्हें याद दिलाती रही।
एलएलबी में टॉप करने और स्वर्ण पदक पाने के बाद प्रिया को हौसला मिला और पहली बार में ही उन्होंने पीसीएसजे परीक्षा में आठवीं रैक प्राप्त की। वह बहुत अधिक समय तक पढ़ाई नहीं करती थीं, बल्कि पूरे दिन में थोड़े-थोड़े समय ही पढ़ाई करती थी।
मां ने हमेशा दी हिम्मत
मां के परिश्रम से ही प्रिया आज इस ऊंचे मकाम पर पहुंची हैं। दादा और पिता की मौत के बाद माता किरन शाह ने पिता और मां दोनों की जिम्मेदारी निभाई। मां ने उसे हमेशा हिम्मत दी। प्रिया का कहना है कि परीक्षाओं के समय मां खुद भी परीक्षार्थियों की तरह जागती रहीं। कहा कि वैसे तो हर किसी ने उनकी सहायता की। कॉलेज से लेकर अल्मोड़ा के अधिवक्ताओं और अन्य प्राध्यापकों ने उन्हें सहयोग किया। लेकिन मां के परिश्रम से ही आज वह इस मुकाम पर पहुंची हैं।