डल्ला गांव में हमलावर बाघ को ट्रैंकुलाइज करने का प्रयास विफल
रिखणीखाल ब्लॉक के बाघ प्रभावित ग्राम पंचायत मेलधार के डल्ला गांव (लड्वासैंण) में दिनभर दोनों बाघों की मूवमेंट बनी रही। इस दौरान वन विभाग की ट्रैंकुलाइज टीम ने हमलावर बाघ को ट्रैंकुलाइज करने का प्रयास किया, लेकिन रेंज से बाहर होने के कारण सफलता नहीं मिल पाई।
ग्राम पंचायत मेलधार के प्रधान खुशेंद्र सिंह ने बताया कि डल्ला गांव के लड्वासैंण में बाघ मंगलवार को भी दिनभर गांव के आसपास मंडराते रहे। इस दौरान बाघ को ट्रैंकुलाइज करने के कई प्रयास किए। लेकिन हमलावर बाघ ट्रैंकुलाइज गन की रेंज में नहीं आया। इसके बाद जैसे ही वह ट्रैंकुलाइज गन की रेंज में आया तो टीम ने उस पर निशाना दागा। लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। इसके अलावा बाघ को ट्रैंकुलाइज करने के लिए एक छोटा पिंजरा भी लगाया गया है।
गढ़वाल रेंज के डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में बाघ को पकड़ने अथवा ट्रैंकुलाइज करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मंगलवार को मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल सुशांत पटनायक भी डल्ला गांव पहुंच गए हैं। कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग के डीएफओ नीरज शर्मा, लैंसडौन के डीएफओ दिनकर तिवारी, एसीएफ हरीश नेगी समेत वन अधिकारियों की टीमें बाघ प्रभावित क्षेत्र में ड्रोन व ट्रैंकुलाइजर आपरेशन टीम में काम कर रहे हैं।
कैमरा ट्रेप एवं ड्रोन से की जा रही बाघ की गतिविधियों की निगरानी
कोटद्वार। गढ़वाल के डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि स्थानीय ग्रामीण को सतर्क रहने हेतु जागरूक किया जा रहा है। कैमरा ट्रेप व ड्रोन से बाघ की गतिविधियों की निरंतर निगरानी की जा रही है। ग्रामीणों की सुरक्षा हेतु ग्राम डल्ला, जुई व पापड़ी में स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं। ग्रामीणों से अकेले घर से बाहर न निकलने की अपील की जा रही है। ग्रामीणों से अपील की गयी है कि यदि किसी भी व्यक्ति को बाघ की गतिविधि या उपस्थिति दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दी जाए।