टिहरी जिले में जौनपुर ब्लॉक की भुत्सी जिला पंचायत सीट पर कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी सीता देवी मनवाल के नामांकन कराने के बाद भाजपा समर्थित प्रत्याशी सरिता नकोटी ने उनके नो-ड्यूज प्रमाणपत्र पर आपत्ति लगाई थी। इस पर रिटर्निंग ऑफिसर ने 10 जुलाई को सीता का नामांकन निरस्त कर दिया था। इससे सीट पर दो ही नामांकन होने से सरिता निर्विरोध जीती हुई मानी गई।
आरओ द्वारा नामांकन निरस्त करने के खिलाफ सीता देवी ने हाईकोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने नो-ड्यूज प्रमाणपत्र को वैध पाते हुए आरओ को सीता देवी का नामांकन बहाल कर उसे चुनाव चिह्न आवंटन करने के निर्देश दिए। 14-15 जुलाई को चुनाव चिह्न आवंटन होने के बाद भाजपा समर्थित सरिता देवी हाईकोर्ट के निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चली गई।
22 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को यथावत रखते हुए चुनाव कराने के निर्देश दिए। मतदान के एक दिन पहले ही कोर्ट के आदेश के बाद सीता देवी को चुनाव चिह्न आवंटित हुआ। सीता देवी के नामांकन का मामला सुप्रीम कोर्ट तक जाने के कारण भुत्सी जिला पंचायत सीट काफी चर्चाओं में रही।
जौनपुर ब्लॉक में प्रथम चरण में 24 जुलाई को मतदान संपन्न हुआ। मतगणना में कांग्रेस समर्थित सीता देवी मनवाल को 4596 मत मिले जबकि भाजपा समर्थित सरिता नकोटी को 4351 मत ही पड़े। सीता देवी ने 245 मतों से जीत दर्ज की है। कांग्रेस के चुनाव प्रभारी व प्रतापनगर विधायक विक्रम सिंह नेगी, जिलाध्यक्ष राकेश राणा और प्रदेश प्रवक्ता शांति प्रसाद भट्ट ने इसे लोकतंत्र की जीत बताते हुए कहा कि भुत्सी की जनता ने सरकार और चुनाव आयोग को आइना दिखाया है।