वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से टिकट न मिलने पर उन्होंने निर्दलीय मैदान में उतरकर किस्मत आजमाई, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। रूद्रप्रयाग विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने के कारण उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। तब से वे राजनीति से दूर ही है, लेकिन पंचायत चुनाव में बेटे और बहू की एक साथ चुनाव में जीत ने कंडारी परिवार का राजनीतिक जनाधार को फिर से मजबूत किया है।