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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2019: आज होगा 12 जिलों में आरक्षण सूची का अंतिम प्रकाशन

Sat, 31 Aug 2019 09:49 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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हरिद्वार को छोड़कर बाकी सभी 12 जिलों में पंचायत आरक्षण सूची का अंतिम प्रकाशन आज होगा। जिलों में आपत्तियां आमंत्रित करने से लेकर उनकी सुनवाई की प्रक्रिया शुक्रवार को पूरी हो गई। जिलों से प्राप्त होने वाले प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय पर अधिसूचना जारी की जाएगी।

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राज्य सरकार एक सितंबर को राज्य निर्वाचन आयोग को आरक्षण की अंतिम सूची उपलब्ध करा देगी। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव का प्रस्तावित कार्यक्रम सरकार को भेजेगा। इस पर सहमति बनती है, तो फिर राज्य निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के साथ ही 12 जिलों में चुनाव आचार संहिता लागू हो जाएगी।

पंचायत चुनाव इस बार भी समय पर नहीं हो पाए हैं। पंचायतों में वर्तमान में प्रशासकों का राज है, लेकिन हाईकोर्ट के सख्त रुख के कारण अब जल्द चुनाव होने की सूरत बन रही है। सरकार ने हाईकोर्ट को 30 नवंबर 2019 तक त्रिस्तरीय पंचायत के चुनाव पूरे करा लेने का भरोसा दिलाया है।
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इसके बाद युद्ध स्तर पर तैयारी चल रही है। आपदा के कारण आरक्षण सूची का प्रकाशन तीन बार टला जरूर, लेकिन अब पूरी प्रक्रिया अंतिम प्रकाशन के स्तर तक पहुंच रही है। पंचायती राज के प्रभारी सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा के अनुसार, समयबद्ध तैयारियों के साथ पंचायत चुनाव जल्द कराने की तैयारी है। आरक्षण प्रक्रिया पूरी करके एक सितंबर को राज्य निर्वाचन आयोग को सूचित किया जाएगा।

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आपत्ति के लिए एक दिन का विरोध, पारदर्शिता का सवाल

पंचायत जनाधिकार मंच ने पंचायत आरक्षण के प्रस्तावों पर आपत्ति दर्ज करने के लिए सिर्फ एक दिन दिए जाने पर सवाल उठाए हैं। मंच के संयोजक जोत सिंह बिष्ट ने सीएम को पत्र भेजा है। बिष्ट ने कहा है कि आरक्षण तय करने की प्रक्रिया को आनन फानन में निबटाया है।

सिर्फ एक दिन आपत्तियों को दर्ज कराने के लिए दिया है, जबकि सुनवाई में दो दिन लगाए हैं। इसी तरह, होना ये चाहिए था कि आरक्षण जिस तरह का प्रस्तावित किया गया है, उसके संबंध में पूर्व के चुनावों की स्थिति को भी लोगों के सामने रखा जाता। सभी प्रमुख जगहों पर पुराने आंकडे़ प्रदर्शित किए जाने चाहिए थे, ताकि लोगों को आपत्ति दर्ज करने में सहूलियत होती। मगर ऐसा नहीं किया गया है।

उन्होंने सीएम से मांग की कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए वह उचित कदम उठाएं। इस क्रम में तीन सितंबर तक आपत्तियां आमंत्रित की जानी चाहिए। दूसरी तरफ, पंचायती राज के प्रभारी सचिव डॉ.रंजीत कुमार सिन्हा का कहना है कि आपत्तियों के लिए एक दिन का समय देने के पीछे समय से पंचायत चुनाव कराने का मकसद है। समयबद्घ ढंग से सारी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
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