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पंचायत चुनाव 2019: हरिद्वार को छोड़ 12 जिलों में आरक्षण तय, तेज होगा चुनावी शोर

Sun, 01 Sep 2019 10:02 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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फाइल फोटो - फोटो : PTI
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पंचायत चुनाव के लिए यूं तो पहले से शोर मचा हुआ है, लेकिन आरक्षण की प्रक्रिया पर अंतिम मुहर लगने के बाद यह शोर और तेज होना तय है। इसकी वजह है। आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होते ही सरकार के स्तर पर अपेक्षित सभी प्रक्रिया निबट चुकी है। अब बस सरकार को राज्य निर्वाचन आयोग को सूचित करना है। रविवार को वह यह काम भी करने जा रही है। इसके बाद चुनाव का प्रस्तावित कार्यक्रम राज्य निर्वाचन आयोग के स्तर पर सरकार को सौंप दिया जाएगा। सरकार ने सहमति जताई, तो फिर चुनावी बिगुल बज उठेगा।

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हरिद्वार को छोड़ 12 जिलों में आरक्षण तय, अंतिम प्रकाशन
हरिद्वार को छोड़कर 12 जिलों में शनिवार को त्रिस्तरीय पंचायतों का आरक्षण तय हो गया। जिलों के स्तर पर तय किए आरक्षण का अंतिम प्रकाशन कर दिया है। इसके साथ ही अब निगाहें राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ टिकने जा रही है। जिलों से पंचायती राज निदेशालय, फिर शासन और सबसे आखिरी में राज्य निर्वाचन आयोग को आरक्षण की रिपोर्ट दी जाएगी। यह रिपोर्ट सौंपते ही सरकार के स्तर पर सारा काम खत्म हो जाएगा और गेंद पूरी तरह से राज्य निर्वाचन आयोग के पाले में आ जाएगी।

तीन बार टलने के बाद पंचायतों की आरक्षण प्रक्रिया 27 अगस्त से शुरू हुई थी। एक दिन आपत्तियों को दर्ज करने और दो दिन इसकी सुनवाई के लिए तय किया था। इस दौरान 66 हजार से ज्यादा पदों के लिए आरक्षण की प्रक्रिया को तय किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण बाद में तय किया जाएगा। आरक्षण प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद अब पंचायत चुनाव के लिए उलटी गिनती शुरू हो गई है। हाईकोर्ट को राज्य सरकार ने 30 नवंबर, 2019 तक त्रिस्तरीय पंचायत का हर चुनाव करा लेने का भरोसा दिलाया है।

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कुमाऊं के कुछ इलाकों ने बढ़ाई आयोग की मशक्कत

वोटर लिस्ट का अंतिम तौर पर प्रकाशन कर चुके राज्य निर्वाचन आयोग की कुमाऊं के कुछ क्षेत्रों में मशक्कत बढ़ गई है। अल्मोड़ा के चौखुटिया क्षेत्र के नगर पंचायत बन जाने के बाद वहां परिसीमन की स्थिति बिगड़ गई है। लिहाजा वोटर लिस्ट को फिर से संशोधित करना पड़ रहा है। इसके लिए जिला निर्वाचन अधिकारी को निर्देशित किया है। इसी तरह ऊधमसिंहनगर जिले के जसपुर, काशीपुर और बाजपुर क्षेत्र में भी स्थिति बन रही है। वहां भी पंचायत क्षेत्रों में तब्दीली हुई है।

पंचायत चुनाव के लिए पूर्व में जब असमंजस बना था, तब भी राज्य निर्वाचन आयोग ने अपने हिस्से के वोटर लिस्ट से संबंधित काम को पूरा कर लिया था। 12 जुलाई को वोटर लिस्ट का अंतिम प्रकाशन कर दिया था। इसी महीने से पंचायतों में प्रशासकों की तैनाती शुरू हो गई थी। मगर दो जिलों में परिसीमन में बदलाव के कारण वोटर लिस्ट के काम को नए सिरे से करना पड़ रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव रोशनलाल के अनुसार, दोनों जगह के जिला निर्वाचन अधिकारियों को उचित कार्रवाई के लिए कहा है।
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