बुधवार को आपत्ति दाखिल करने का अंतिम दिन है। इसके बाद शासन स्तर पर इन आपत्तियों का निस्तारण करके 29 अक्टूबर को आरक्षण का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक आपत्तियों को देखते हुए आरक्षण में बदलाव हो सकता है। शासन के मुताबिक अनुसूचित जनजाति को प्रतिनिधित्व देने के लिए इस सीट को अनुसूचित जनजाति महिला के रूप में आरक्षित किया गया था।
क्या है आरक्षण का फार्मूला
(अनुसूचित जनजाति की संख्या/ कुल जनसंख्या)* 13
- इस फार्मूले के आधार पर देहरादून जिला पंचायत के लिए अधिमान 0.34 निकल कर आया था, और यह एक से कम होने पर इस सीट को अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित नहीं किया जा सकता। आरक्षण के लिए जारी शासनादेश में यह स्वीकार भी किया।
क्या किया गया
शासन ने 20 अक्टूबर 2019 को जारी आदेश के तहत 1995, 2002 और वर्तमान में निकल कर आए अधिमान को जोड़ा। इन तीनों का जोड़ 1.29 निकल कर आया। आदेश के मुताबिक यह अधिमान एक से अधिक है लिहाजा यहां एक सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित की जा सकती है।