उत्तराखंड में गांव और शहर के चुनाव पर सभी की नजरें टिकी हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मामले में अब हर दिन तेजी दिख रही है। वहीं, नगर निगम रुड़की और नगर पंचायत सेलाकुई के मामले में सरकार उलझन में दिख रही है। रुड़की-सेलाकुई पर आए हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सरकार न्याय विभाग की राय प्राप्त न होने के कारण सुप्रीम कोर्ट का रुख नहीं कर पाई है।
इधर, शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक का कहना है कि रुड़की और सेलाकुई के मामले में सरकार किसी तरह की उलझन में नहीं है। न्याय विभाग से परामर्श लेकर सुप्रीम कोर्ट में सरकार अपना पक्ष रखेगी। वहीं, पंचायत चुनाव जल्द से जल्द कराने के लिए सरकार पूरी प्रक्रियाओं को तेजी से आगे बढ़ा रही है।
नगर निगम रुड़की में चुनाव और नगर पंचायत सेलाकुई के गठन पर सरकार को अभी न्याय विभाग की राय नहीं मिल पाई है। हालांकि सरकार यह मन बना चुकी है, कि वह हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।
दरअसल, हाल ही में हाईकोर्ट ने रुड़की नगर निगम में पुराने परिसीमन के आधार पर दो महीने के भीतर चुनाव कराने के आदेश दिए थे। 2015 से अस्तित्व में आई सेलाकुई नगर पंचायत के गठन को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। रुड़की के मामले में सरकार ने नए परिसीमन के आधार पर आरक्षण की अधिसूचना भी जारी कर दी थी।
अब बदली हुई स्थिति में वह सुप्रीम कोर्ट जाने से पहले सारी चीजों को ठोक बजाकर देख लेना चाहती है। मगर अभी तक उसे न्याय विभाग की राय नहीं मिल पाई है। वैसे, सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए सरकार के पास अभी पर्याप्त समय है।