बुधवार को हुए पंचायतों के सम्मेलन में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इसी बजट सत्र में प्रदेश का अपना पंचायत एक्ट सदन के पटल पर रखने का ऐलान किया।
14वें वित्त आयोग की संस्तुति के बाद जिला और क्षेत्र पंचायत की केंद्रीय निधि में कटौती की भरपाई के लिए मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार की ओर से तैयार किया रोड मैप भी पंचायत प्रतिनिधियों के सामने रखा। उधर, पंचायतों ने भी सरकार को इस काम के लिए 30 जनवरी का समय दिया है।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार क्षेत्र पंचायतों को और अधिक निधि देगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, यह तय कर लिया गया है कि जिला प्लान में क्षेत्र पंचायतों के लिए भी निधि की व्यवस्था की जाएगी। चक्रीय आधार पर जिला नियोजन समितियों की बैठकों में क्षेत्र पंचायत प्रमुखों को बुलाया जाएगा।