उत्तराखंड में खुले बाजार से बिजली अब महंगी पड़ेगी। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने यूपीसीएल की याचिका पर फैसला देते हुए ओपन एक्सेस उपभोक्ताओं पर 67 पैसे प्रति यूनिट का अतिरिक्त अधिभार लगा दिया है। हालांकि यूपीसीएल ने याचिका में 88 पैसे प्रति यूनिट की मांग की थी।
प्रदेश में कई औद्योगिक उपभोक्ता ऐसे हैं, जो सीधे बाजार से बिजली खरीदते हैं। यूपीसीएल को सभी उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उत्पादन संयंत्रों से बिजली अनुबंधित रखनी पड़ती है। इसका एक निश्चित शुल्क फिक्स कॉस्ट के तौर पर चुकाना अनिवार्य होता है। जब औद्योगिक या बड़े उपभोक्ता अपनी सुविधा और आर्थिक लाभ के लिए खुले बाजार(ओपन एक्सेस) से सस्ती बिजली खरीद लेते हैं तो यूपीसीएल की अनुबंधित बिजली बिना उपयोग के सरेंडर हो जाती है।
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उद्योगों की आपत्तियां हुईं खारिज
सार्वजनिक सूचना के बाद कुमाऊं-गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री सहित प्रमुख औद्योगिक हितधारकों ने याचिका पर आपत्ति दर्ज कराई थी। उद्योगों का तर्क था कि 132 केवी और उससे अधिक वोल्टेज पर जुड़े उपभोक्ताओं पर यह अधिभार नहीं लगना चाहिए और इसे औद्योगिक उपभोक्ताओं से अतिरिक्त वसूली का जरिया बनाया जा रहा है। आयोग ने इन सभी आपत्तियों को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि नियमानुसार ओपन एक्सेस लेने वाले सभी उपभोक्ता इस अधिभार के दायरे में आते हैं।