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Uttarakhand: इन जिलों में सबसे ज्यादा सक्रिय ड्रग्स माफिया, स्कूल-कॉलेज के छात्र निशाने पर, 5079 मामले दर्ज

Mon, 26 Jun 2023 10:36 AM IST
रेनू सकलानी राकेश खंडूड़ी, न्यूज डेस्क, देहरादून

सार

उत्तराखंड में ड्रग्स का अवैध कारोबार तेजी से पांव पसार रहा है। सबसे ज्यादा निशाने पर स्कूल, कॉलेज और विवि में पढ़ रहे छात्र और युवा हैं। जिन शीर्ष-10 नशा तस्करों को चंगुल में फंसाया गया है, वे इन्हीं चार जिलों में सबसे ज्यादा सक्रिय हैं।
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ड्रग्स - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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हिमालयी राज्य उत्तराखंड ड्रग्स माफिया के निशाने पर है। नशे के लिए इस्तेमाल होने वाले तकरीबन सभी पदार्थों की राज्य के मैदानी और पर्वतीय जिलों में बड़ी तस्करी की जा रही है। पुलिस में दर्ज आंकड़े इस चिंता की तस्दीक कर रहे हैं।

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जनवरी 2020 से मई 2023 तक तीन साल और कुछ महीनों में 5079 मुकदमे दर्ज हुए, जिनमें 5,888 आरोपी धरे गए। नशा तस्करों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत 33 मामलों में 89 अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई हुई। नौ ऐसे मामले थे, जिनमें 2.68 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई।

स्कूल-कॉलेज-विवि के छात्र निशाने पर

उत्तराखंड में तेजी से पांव पसार रहा ड्रग्स का अवैध कारोबार के सबसे ज्यादा निशाने पर स्कूल, कॉलेज और विवि में पढ़ रहे छात्र और युवा हैं। देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल व उधमसिंहनगर जिलों में ड्रग्स माफिया सबसे ज्यादा सक्रिय हैं। जिन शीर्ष-10 नशा तस्करों को चंगुल में फंसाया गया है, वे इन्हीं चार जिलों में सबसे ज्यादा सक्रिय हैं।

2025 तक ड्रग्स फ्री बनाने की बड़ी चुनौती

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड को 2025 तक ड्रग्स फ्री बनाने का संकल्प लिया है। लेकिन ड्रग्स माफिया अपने पांव राज्य में जिस तेजी से पसार रहे हैं, उसे देखते हुए मुख्यमंत्री का संकल्प कड़ी चुनौती से गुजरने वाला है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने ड्रग्स माफिया के खिलाफ कड़ा कानून बनाने की बात भी कही है।

एनडीपीएस एक्ट में दर्ज मुकदमों का ब्योरा

वर्ष 2020 2021 2022 2023
मुकदमे 1280 1801 1412 586
अभियुक्त 1434 2058 1648 742

नोट : आंकड़े मई 2023 तक के।

गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई

वर्ष मुकदमे आरोपी
2021 03 12
2022 24 64
2023 06 13
कुल 33 89

अब तक 2.68 करोड़ की संपत्ति जब्त

नशा विरोधी अभियान के तहत पिछले तीन वर्षों के दौरान गैंगस्टर एक्ट के तहत नौ मामलों में 2,68,30,078 रुपये की संपत्ति जब्त की गई। इनमें ड्रग्स कारोबारियों के वाहन, भूमि, बैंक में जमा राशि, घर व प्लॉट शामिल हैं।

किस जिले में कितनी संपत्ति हुई जब्त

वर्ष जिला केस जब्त संपत्ति (रुपये में)
2021 हरिद्वार 01 97,54,730
2022 हरिद्वार 06 1,44,97,000
2023 पौड़ी 01 24,53,348
2023 चमोली 01 1,25,000
कुल  09 2,68 30,078

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विशेष अभियान के तहत जब्त किए गए नशील पदार्थों और उनकी मात्रा से पता चलता है कि राज्य में नशे के लिए नशीले इंजेक्शन व टेबलेट्स का बड़ी मात्रा में इस्तेमाल किया जा रहा है।

पदार्थ             किग्रा में

हशीश             114.628

डोडा             100.613

ओपियम             12.08

हीरोइन             8.179

गांजा             808.887

टेबलेट्स व इंजेक्शन 7,00637(संख्या)

(नोट : जनवरी 2020 से मई 2023 तक जब्त नशीले पदार्थ)

 

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राज्य में नशीली दवाओं के शीर्ष-10 तस्कर, देहरादून रहा टारगेट

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में नशीली दवाओं के शीर्ष-10 तस्करों के निशाने पर देहरादून, नैनीताल, ऊधमसिंहनगर और हल्द्वानी रहे हैं। यहां पकड़े गए तस्कर चरस, गांजा, हीरोइन की तस्करी के आरोपी हैं। इनमें देहरादून का अकीम व युसूफ, ऊधमसिंहनगर का सलीम, डोईवाला का जाकिर, वासीम, इल्ताफ अहमद, इश्तियाक, हल्द्वानी का राजेश कुमार साहू, नैनीताल का मेहबूब व रामनगर का शाहू खान के नाम प्रमुख हैं।

राज्य में ड्रग्स माफिया को जड़ से समाप्त करने का हमारा संकल्प है। इसके लिए नकलरोधी कानून की तरह कड़े से कड़ा कानून लाना पड़ेगा तो लाएंगे। राज्य में नशे की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए पुलिस को रणनीति के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। - पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

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