देश भर में सी विजिल एप में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन संबंधी 37 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं, जिसमें से 24 हजार से अधिक शिकायतें निस्तारित हो चुकीं हैं। शिकायतों के निस्तारण के मामले में उत्तराखंड देश में पहले स्थान पर है, जबकि शिकायतें दर्ज करने में केरल के मतदाता अव्वल रहे हैं।
पहली बार लोकसभा चुनाव में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन संबंधी शिकायत दर्ज करने के लिए केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने सी विजिल एप की सुविधा दी है। कोई भी व्यक्ति इस एप को डाउनलोड कर आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत कर सकता है। एप में दर्ज शिकायतों के निस्तारण के लिए रिटर्निंग आफिसरों से लेकर जिला स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सी विजिल एप की रिपोर्ट के मुताबिक आचार संहिता लागू होने के बाद से अब तक देशभर के विभिन्न प्रांतों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 37 हजार 45 शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें से 24 हजार 568 शिकायतें निस्तारित की जा चुकीं हैं। जबकि 5827 शिकायतें असिस्टेंट रिटर्निंग आफिसर (एआरओ) और 6249 शिकायतें डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल सेंटर (डीसीसी) ने इसलिए ड्राप आउट कर दी क्योंकि वह जांच में फर्जी मिली। इस एप से मिली 90 फीसदी शिकायतों का निस्तारण कर उत्तराखंड देश भर में पहले स्थान पर है। जबकि केरल दूसरे, मध्य प्रदेश तीसरे, वेस्ट बंगाल चौथे और आंध्र प्रदेश पांचवें स्थान पर है।
दूसरी ओर सी विजिल एप में शिकायतें दर्ज कराने के मामले में केरल पहले स्थान पर है। जहां सर्वाधिक 11058 शिकायतें दर्ज हुई हैं, जबकि मध्य प्रदेश 4804, आंध्र प्रदेश में 4338, पश्चिम बंगाल में 2784 और उत्तराखंड 1792 शिकायतें दर्ज हुईं। शिकायत निस्तारित करने के मामले में उत्तराखंड 1792 में से 1614 शिकायतें निस्तारित कर देश में पहले स्थान पर रहा। वहीं अभी तक दमन एंव दीव में 10, गोवा में 13, अरुणाचल प्रदेश में 14, मेघालय में 20 व सिक्किम में 21 शिकायतें दर्ज हुई हैं।
कहां कितनी शिकायतें हुई हल
| प्रांत |
कुल दर्ज शिकायतें |
निस्तारित |
निस्तारण का प्रतिशत |
| उत्तराखंड |
1792 |
1614 |
90 |
| केरल |
11058 |
9753 |
88 |
| मध्य प्रदेश |
4804 |
3813 |
79 |
| प. बंगाल |
2784 |
1818 |
65 |
| आंध्र प्रदेश |
4338 |
2151 |
50 |