अटल मिशन फार रेजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफार्मेशन (अमृत) योजना के पहलुओं के अध्ययन के लिए शहरी विकास विभाग के 20 अफसरों की टीम इन दिनों कर्नाटक के मैसूर शहर के दौरे पर है। विभाग के सूत्रों के मुताबिक टीम कर्नाटक सरकार की ओर से मैसूर में कराए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी ले रही है, ताकि उत्तराखंड के जिलों में भी योजना के तहत कार्य कराए जा सकें।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने देश के शहरों में सीवरेज और जलापूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाओं को मुहैया कराने के अमृत योजना की शुरुआत की है। 24 जून 2015 को शुरू की गई योजना के पहले चरण में आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, राजस्थान, उत्तराखंड समेत कई राज्यों को शामिल किया गया है।
जहां उत्तराखंड का सवाल है तो यह योजना देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, ऊधमसिंह नगर रुड़की नगर निगम के अलावा नैनीताल में लागू की गई है। योजना के तहत इन शहरों में सीवरेज, जलापूर्ति समेत साफ सफाई पर जोर दिया जाना है।
कर्नाटक सरकार के सेंटर में प्रशिक्षण
शहरी विकास विभाग के अपर सचिव नितिन भदौरिया ने बताया कि राज्य में योजना को बेहतर ढंग से लागू कराया जा सके, इसके लिए शहरी विकास विभाग के संयुक्त सचिव समेत विभाग के 20 अफसरों की टीम को मैसूर भेजा गया है। जहां वे कर्नाटक सरकार की ओर से संचालित सेंटर आफ एक्सीलेंस में विशेष प्रशिक्षण ले रहे हैं। अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण लेने के बाद योजना को राज्य में बेहतर ढंग से लागू कराया जा सकेगा।