यमुना कॉलोनी वार्ड नंबर 33 को भाजपा की परंपरागत सीट माना जाता है। इस सीट पर सचिन और एक बार उनकी पत्नी नेहा गुप्ता इस सीट पर पार्षद रह चुकी हैं, लेकिन इस बार मतदाताओं ने गुप्ता परिवार को नकार कर कांग्रेस की सुमित्रा ध्यानी को चुना।
ध्यानी ने 1488 वोट हासिल कर सचिन गुप्ता को हराया। बल्लूपुर में कोमल बोहरा 30 साल बाद कांग्रेस की वापसी कराने में कामयाब रहीं। जबकि यह सीट शारदा गुप्ता (भाजपा) की मानी जाती थी। यहां बोहरा ने गुप्ता को 240 मतों के अंतर से शिकस्त दी।
भाजपा के सुशील गुप्ता लक्खीबाग से दो बार से पार्षद रहे, लेकिन इस बार मतदाताओं ने उन्हें नकार कर नए चेहरे आयुष गुप्ता (कांग्रेस) पर भरोसा जताया। एनएसयूआई छात्रसंघ से राजनीति की शुरुआत करने वाले आयुष ने सुशील गुप्ता को शिकस्त देकर लड़ाई से बाहर ही कर दिया। सुशील गुप्ता तीसरे नंबर पर रहे।