एक-दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप भी लगाए। सभी पार्टियों ने अपनी-अपनी जीत के दावे किए हैं। बीते 10 सालों से निगम में भाजपा का मेयर रहा है। ऐसे में इस बार भी पार्टी निगम में सत्ता बरकरार रखना चाहेगी। उधर, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी भी सत्ता हथियाने की कोशिश में जुटीं हैं।
प्रत्याशियों और समर्थकों ने चुनावी रणनीति तैयार करना शुरू कर दिया है। विपक्षियों की चालों को काटने पर मंथन करने और रूठों को मनाने का दौर शुरू हो गया है। हर प्रत्याशी अंतिम समय में हर एक मतदाता के बीच अपना चेहरा दिखाने के लिए आतुर दिखाई दिया। स्थिति ये रही कि शहर की हर गली, सड़क और बाजार में चुनाव का शोर रहा, जो शाम को थमा। इस बीच भाजपा-कांग्रेस ने स्थानीय शीर्ष नेतृत्व के साथ आगामी चुनावी रणनीति पर मंथन किया।
नेताओं के कहने पर कुछ प्रत्याशियों ने कॉलोनियों में जाकर गुपचुप देर रात तक जनसंपर्क के लिए बैठकें भी कीं। वहीं, जो लोग नाराज थे, उन्हें मनाने का भी काम किया गया। उधर, प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी काम हुआ।