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उत्तराखंड: शिक्षकों व कर्मचारियों को झटका, कोविड के कारण दूसरे साल भी तबादला सत्र शून्य घोषित

Mon, 24 May 2021 09:17 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सरकार ने तबादला सत्र शून्य रखने का फैसला लिया है।
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मुख्य सचिव ओम प्रकाश - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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कोविड 19 संक्रमण के चलते लगातार दूसरे साल भी उत्तराखंड सरकार ने तबादला सत्र शून्य घोषित कर दिया। प्रदेश के मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी किया।  कार्मिक विभाग ने 19 फरवरी को प्रत्येक संवर्ग में 10 प्रतिशत अथवा चुनावी आचार संहिता के अनुसार तबादले करने के आदेश दिए थे। विभागीय स्तर तबादला प्रक्रिया आरंभ हो गई थी। शासनादेश में कहा गया कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है।

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इसके चलते राज्य के अधिकांश जिलों में कोविड कर्फ्यू की स्थिति है। इन परिस्थितियों में राज्य की आर्थिक गतिविधियां बंद होने से राज्य की अर्थव्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। ऐसी दशा में कर्मचारियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर यात्रा आदि करने से संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहेगी। आदेश के मुताबिक, चुनाव आचार संहिता व प्रशासनिक कारणों को छोड़कर वर्तमान स्थानांतरण सत्र शून्य रहेगा। विशेष परिस्थितियों में ही तबादले हो सकेंगे। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है।
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कठिनाई होने पर समिति को आवेदन कर सकेंगे
आदेश में कहा गया है कि स्थानांतरण अधिनियम के तहत अधिकारी व कर्मचारी अथवा विभाग को किसी प्रकार की कठिनाई के निराकरण के लिए औचित्यपूर्ण प्रस्ताव स्थानांतरण समिति को कार्मिक विभाग के माध्यम से भेजे जा सकेंगे।

शिक्षकों कर्मचारियों की फिर उम्मीद टूटी
प्रदेश में हजारों की संख्या में शिक्षक व कर्मचारी कई वर्षों से तबादले की उम्मीद कर रहे हैं। चुनावी साल में उन्हें दुर्गम से सुगम में जाने की उम्मीद बंधी थी। लेकिन लगातार दूसरे साल भी स्थानांतरण सत्र शून्य हो जाने से उनकी उम्मीदें तार-तार हो गई है। 

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