रवींद्र सिंह की मौत के मामले में साथ में शिकार के लिए गए दोनों युवकों पर शिकंजा कसना तय माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, मृतक का भाई दिल्ली में नौकरी करता है। घटना की जानकारी मिलने के बाद वह भी दिल्ली से घर पहुंच रहा है। पुलिस तहरीर का इंतजार कर रही है। संभवतया सोमवार को कांडा थाने में तहरीर दी जाएगी। जंगली जानवरों का शिकार करना प्रतिबंधित है। जंगल में बंदूक के साथ शिकार के लिए जाने के मामले में भी इन लोगों को कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
जंगल में शिकार करने के लिए गए दोनों युवकों से पूछताछ की जा रही है। मृतक के भाई के लौटने का इंतजार किया जा रहा है। संभवतया वह इस मामले में सोमवार को तहरीर देंगे। तहरीर के आधार पर इस मामले में अगला कदम उठाया जाएगा। सक्षम धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। बंदूक गांव के ही किसी व्यक्ति की है, वह बाहर रहता है। लाइसेंसी हथियार लापरवाही से रखने की बात सामने आ रही है। बंदूक का लाइसेंस निरस्त कराने की कार्रवाई की जाएगी।
- अमित श्रीवास्तव पुलिस अधीक्षक बागेश्वर।
कांडा तहसील क्षेत्र में जंगली जानवरों के शिकार के लिए जाल बुनने में पिछले वर्ष भी एक व्यक्ति की जान गई थी। सेही के बिल में घुसे व्यक्ति की दम घुटने से मौत हो गई थी। 25 मार्च 2020 को दाणोथल (सानिउडियार) के जंगल में कुछ लोगों ने सेही (शौल) को मारने के लिए बिल में धुआं लगाया था। सेही धुएं से मर जाता है।
अगले दिन सुबह जीवन राम (42) पुत्र दुर्गाराम निवासी सानिउडियार, रमेश राम (42) पुत्र प्रतापराम निवासी सानीउडियार और हरीश राम (36) पुत्र बसंत राम निवासी दाणोथल समेत पांच लोग शौल के बिल के पास घुसे। सबसे पहले जीवन राम गया, जो काफी देर तक बाहर नहीं आया। इसके बाद हरीश राम घुसा।
जब वह भी बाहर नहीं आया तो रमेश राम भी उन्हें देखने बिल के अंदर चला गया और वह भी बाहर नहीं निकला। सूचना पर मौके पर पहुंचे गांव के लोगों ने हरीश राम और रमेश राम को बिल से बाहर खींच लिया। दोनों को धुएं से गैस लगी थी, जो इलाज के बाद स्वस्थ हो गए थे। जीवन राम बिल में भी फंसा रह गया था। प्रशासन ने जेसीबी से खोदाई कराई। एसडीआरफ की टीम की मदद से 27 मार्च को जीवनराम का शव निकाला गया था।