होटल क्षेत्र की अग्रणी कंपनी है ली-राय
होटल चेन चलाने वाली ली-रॉय कंपनी के दिल्ली, उदयपुर, हरिद्वार, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल में नामी गिरामी होटल है। देश-विदेश से सैलानी ली-रॉय कंपनी के होटलों में ठहरने को पहुंचते हैं। कंपनी पर्यटकों को टूर पैकेज पर पर्यटक स्थलों की सैर करवाती है। ऐसे में उम्मीद है कि कंपनी के टूर पैकेज से पर्यटक टिहरी झील का दीदार करने यहां पहुंचेंगे।
जनवरी के तृतीय सप्ताह से कंपनी टिहरी झील में फ्लोटिंग हट्स, फ्लोटिंग मरीना, बार्ज बोट और थ्री स्टार टिहरी लेक रिजॉट का संचालन विधिवत शुरू कर देगी। कंपनी बार्ज बोट का उपयोग किस कार्य के लिए करेगी। इस पर अभी निर्णय लिया जाना है। सवा करोड़ का राजस्व कंपनी प्रति वर्ष सरकार को देगी।
- मनदीप गांधी, निदेशक ली रॉय कंपनी नई दिल्ली
ली रॉय कंपनी को फ्लोटिंग हट्स, फ्लोटिंग मरीना, बार्ज बोट और थ्री स्टार टिहरी लेक रिजॉट पीपीपी मोड पर दिया गया है। कंपनी इन दिनों सभी परिसंपत्तियों की साज सज्जा कर रही है। उम्मीद है कि कंपनी जल्द ही संचालन शुरू करेगी।
- सोबत सिंह राणा, जिला साहसिक खेल अधिकारी टिहरी
14 टन है बार्ज बोट की क्षमता
टिहरी झील में साढ़े चार करोड़ की लागत से बने बार्ज बोट की क्षमता 14 टन है। इसमें कार और ट्रक भी झील के आरपार ले जाए जा सकते हैं। बार्ज पर 130 हार्स पावर के दो इंजन लगे हुए हैं। तत्कालीन समय में बार्ज बोट झील के आरपार बसे गांवों में वाहन ले जाने के लिए बनाया गया था, लेकिन बीते 8 नवंबर को डोबरा-चांठी पुल का लोकार्पण होने के बाद वाहनों का संचालन अब पुल से हो रहा है। ऐसे में ली-रॉय कंपनी बार्ज बोट का क्या उपयोग करेगी इस पर अभी संशय बना हुआ है।
फ्लोटिंग मरीना में दो घंटे तक चली थी कैबिनेट बैठक
ढाई करोड़ की लागत से टिहरी झील में उतारी गई फ्लोटिंग मरीना (चलता-फिरता रेस्टोरेंट) में 16 मई 2018 को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में दो घंटे तक कैबिनेट बैठक भी आयोजित की गई थी। 7 मई 2019 को टिहरी झील का जलस्तर कम होने से फ्लोटिंग मरीना का एक हिस्सा टेढ़ा होकर झील में डूब गया था, जिसे बाद में लोनिवि के इंजीनियरों की टीम ने झील से बाहर निकाला था।