डायबिटीज के मरीजों को पैरों में दर्द, सूजन, सुन्नपन और घाव जैसी दिक्कतें रहती हैं। अब सर्दी का मौसम चल रहा है। लोग ठंड से पैरों को बचाने के लिए सुबह से शाम तक जूते पहनते हैं, लेकिन डायबिटीज के मरीजों को जूतों को लेकर खास सावधानी बरतनी चाहिए।
सर्दियों के मौसम में पैरों को ठंड से बचाने के लिए लोग गर्म मौजे और जूते पहनते हैं, लेकिन अगर आपको डायबिटीज (मधुमेह) है तो जूतों के चयन को लेकर बिलकुल भी लापरवाह न रहें। लगातार टाइट जूतों को पहनने से आपके पैरों में रक्त संचार रुक सकता है या उनमें छाले पड़ सकते हैं।
विज्ञापन
डायबिटीज के मरीजों को जूतों को लेकर खास सावधानी बरतनी चाहिए
एसपीएस राजकीय अस्पताल के सीएमएस डॉ. विजयेश भारद्वाज ने बताया कि डायबिटीज के मरीजों को पैरों में दर्द, सूजन, सुन्नपन और घाव जैसी दिक्कतें रहती हैं। अब सर्दी का मौसम चल रहा है। लोग ठंड से पैरों को बचाने के लिए सुबह से शाम तक जूते पहनते हैं, लेकिन डायबिटीज के मरीजों को जूतों को लेकर खास सावधानी बरतनी चाहिए।
जूते अगर ज्यादा टाइट होंगे तो उससे पैरों में रक्त संचार रुकने की संभावना रहती है। वहीं पैरों में छाले पड़ सकते हैं। कई बार छाले जख्म का रूप ले लेते हैं। इसके चलते मरीजों में गैंग्रीन पैरा और उंगलियों में गैंग्रीन की स्थिति भी पैदा हो जाती है। डॉ. विजयेश भारद्वाज ने कहा कि डायबिटीज से ग्रस्त लोग टाइट जूतों को बिल्कुल भी नहीं पहनें। पैर में छाले ठीक नहीं हो रहे हैं या सुन्नपन है तो तत्काल चिकित्सक को दिखाएं। घरों में जूतों की बजाय मोटे गर्म मौजे पहनें।
विज्ञापन
बाजारों में उपलब्ध डायबिटिक जूते
बाजारों में डायबिटिक शूज उपलब्ध हैं। शोरूम और आनलाइन बाजार से लोग इन जूतों की खरीदारी कर सकते हैं। ये जूते आरामदायक तो होते ही है, साथ ही एक्यूप्रेशर और फिजियोथैरेपी की तकनीक से लैस होते हैं। इन जूतों से शरीर में रक्त का प्रवाह बढ़ता है। छाले नहीं पड़ते हैं। सूजन और दर्द की परेशानी में आराम मिलता है। पैरो का एंटीफंगल और बैक्टीरिल संक्रमण से बचाव होता है।