प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में सरकार जल जीवन मिशन के तहत एक रुपये में पानी का कनेक्शन दे रही है। इस कनेक्शन से घर में पानी का नल तो लग जाएगा लेकिन पानी आने की कोई गारंटी नहीं। दरअसल, मिशन के अंतर्गत पहले चरण में अधिक से अधिक ग्रामीणों को एक रुपये में पानी का कनेक्शन देने की योजना है।
जल जीवन मिशन के तहत सरकार का मकसद सबको पेयजल उपलब्ध कराना है। लिहाजा, सरकार ने तय किया कि ग्रामीणों को महज एक रुपये में पानी का कनेक्शन दिया जाएगा। पेयजल निगम ने इसके लिए कमर कस ली। कुछ ही महीनों में निगम ने प्रदेशभर में तीन लाख 80 हजार पानी के कनेक्शन बांट दिए हैं। कनेक्शन देने का काम बड़े स्तर पर जारी है। सरकार लगातार इसकी समीक्षा कर रही है। उधर, ग्रामीण इस बात को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं कि जिस गांव में पानी की लाइन ही नहीं है या बेहद कम क्षमता की लाइन है, वहां पानी का कनेक्शन लेने पर पानी कैसे मिलेगा।
जौनसार बावर हो या गढ़वाल के गांव, सभी जगहों पर एक रुपये का पानी का कनेक्शन चर्चाओं में है। कई जगह तो निगम की टीमों को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि जिन लोगों के पास प्राकृतिक स्रोत से आसानी से पानी उपलब्ध है, वह इस कनेक्शन को लेने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। जबकि केंद्र सरकार ने लक्ष्य दिया है कि वर्ष 2024 तक गांव-गांव तक पेयजल कनेक्शन पहुंचना चाहिए।
ग्रामीणों से ठगी की शिकायतें भी बढ़ीं
एक रुपये में पानी का कनेक्शन देने की योजना के तहत तमाम गांवों में ठगी भी बढ़ने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें कनेक्शन तो एक रुपये में दिया जा रहा है लेकिन पानी की लाइन बिछाने के लिए उनसे दो-दो हजार रुपये की मांग की जा रही है। पेयजल निगम भी इस तरह की ठगी को रोकने के लिए पूरी निगाह रख रहा है।
जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण इलाकों में पानी के कनेक्शन एक रुपये में दिए जा रहे हैं। योजना के पहले चरण में केवल कनेक्शन दिए जा रहे हैं। दूसरे चरण में इन कनेक्शन के हिसाब से एस्टीमेट बनाकर पानी की लाइनें बिछाई जाएंगी।
- एसके पंत, एमडी, पेयजल निगम