फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भारी बारिश से दहशत: जुग्जू गांव में चट्टान से हुआ भूस्खलन, ग्रामीणों ने घर छोड़कर नौ घंटे गुफा में बिताई रात

Thu, 28 Jul 2022 06:32 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, जोशीमठ/गोपेश्वर

सार

जुग्जू गांव में भोटिया जनजाति के 17 परिवार रहते हैं। वर्ष 2013 की आपदा से ही गांव के ऊपर चट्टान से भूस्खलन शुरू हो गया था। अब भूस्खलन का दायरा बढ़ गया है।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने गुफा में बिताई रात - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बुधवार रात को भारी बारिश के दौरान नीती घाटी के जुग्जू गांव के शीर्ष भाग की चट्टान से भूस्खलन होने लगा। भूस्खलन से खतरे को देखते हुए ग्रामीणों ने अपने घर छोड़ दिए और एक गुफा में जाकर रात गुजारी। बृहस्पतिवार सुबह करीब नौ घंटे बाद बारिश बंद हुई तो ग्रामीण घरों को लौटे।  

विज्ञापन


जुग्जू गांव में भोटिया जनजाति के 17 परिवार रहते हैं। वर्ष 2013 की आपदा से ही गांव के ऊपर चट्टान से भूस्खलन शुरू हो गया था। अब भूस्खलन का दायरा बढ़ गया है। पिछले दो वर्षों से बरसात में यहां लगातार भूस्खलन होता है जिससे अधिक बारिश होने पर ग्रामीण अपने घरों को छोड़ देते हैं। 

मलबा आने से परेशानी: 13 घंटे बंद रहा बदरीनाथ हाईवे, घंटों भूखे-प्यासे जाम में फंसे रहे तीर्थयात्री, तस्वीरें
विज्ञापन


बुधवार रात करीब नौ बजे से क्षेत्र में भारी बारिश होने पर चट्टान से मलबा और बोल्डर छिटकने शुरू हो गए जिससे ग्रामीण चैत सिंह, वीरेंद्र सिंह, सौंणी देवी, जेठुली देवी, सरस्वती देवी, कली देवी, अवतार सिंह, केशर सिंह, इंद्र सिंह, लक्ष्मण सिंह, अनीता देवी, माधो सिंह, सैन सिंह, कुंवर सिंह, मुरली सिंह ने अपने घर छोड़ दिए। ग्रामीणों ने बच्चों के साथ गांव के समीप ही एक गुफा में रात गुजारी।
विज्ञापन


बृहस्पतिवार सुबह बारिश बंद होने पर सुबह छह बजे ग्रामीण घरों को लौटे। ग्रामीणों का कहना है कि शासन-प्रशासन से कई बार गांव के पुनर्वास की मांग की गई लेकिन इस ओर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इधर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी ने बताया कि जुग्जू गांव के पुनर्वास के लिए शासन को लिखा गया है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें