फूलों की घाटी को फिर से पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। शुक्रवार को 130 पर्यटक घाटी की सैर पर निकले। बीते बुधवार को पैदल पुल बहने और जगह-जगह रास्ता क्षतिग्रस्त होने पर घाटी में पर्यटकों की आवाजाही बंद की गई थी। लोक निर्माण विभाग ने अस्थाई पुल बनाने के साथ रास्ते की मरम्मत का काम भी पूरा कर लिया है। घाटी की वन क्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल ने बताया कि रास्ते की मरम्मत पूरी होने के बाद पर्यटकों को जाने की अनुमति दे दी गई है।
गदेरा उफान पर आने से फंसे छात्र-छात्राएं
बीते बृहस्पतिवार को भारी बारिश के कारण बरसाती गदेरों के उफान पर आने से अफरातफरी मच गई। जीआईसी गडोली के निकट झुमराडा क्षेत्र से बहने वाले बरसाती गदेरे उफान पर आने के कारण स्कूल जा रहे छात्र-छात्राएं यहां फंस गए। इसी दौरान वहां से जा रहे शिक्षकों ने उन्हें किसी तरह गदेरा पार करवाया।
राज्य दिव्यांग बोर्ड के सदस्य व स्थानीय निवासी सुरेंद्र सिंह रावत, जिला पंचायत सदस्य पवन पंवार ने बताया कि राजकीय इंटर कॉलेज गडोली के छात्र-छात्राओं को बरसात में झुमराडा गदेरे के साथ बिगराडी क्षेत्र आने वाले बरसाती गदेरे को पार कर जाना पड़ता है। बरसात में गदेरों के उफान पर रहने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। बृहस्पतिवार को छात्र-छात्राएं स्कूल जा रहे थे कि गदेरे के उफान पर आने से वह फंस गए। ऐसे में शिक्षकों ने उन्हें गदेरा पार करवाया और स्कूल पहुंचाया। जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से उक्त बरसाती गदेरों पर सुरक्षित आवाजाही के लिए व्यवस्था करने की मांग की है।
कांडीखाल के पास पांच घंटे बंद रहा एनएच
ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर कांडीखाल के पास बोल्डर गिरने से राजमार्ग छह घंटे बंद रहा। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इस दौरान कांवड़ियों को जोखिम उठाकर आवागमन करना पड़ा। अपराह्न करीब तीन बजे सड़क खुलने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे राष्ट्रीय राजमार्ग पर कांडीखाल के पास पहाड़ी से पत्थर गिरने शुरू हो गए थे। कुछ देर में ही पहाड़ी का बड़ा हिस्सा टूटकर सड़क पर गिर गया, जिससे एनएच पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। सड़क बंद होने के कुछ देर बाद ही बीआरओ ने पोकलैंड मशीन से मलबा हटाने का काम शुरू किया लेकिन मलबा घटनास्थल से दूर डंप करने पर भारी मात्रा में आए मिट्टी-पत्थर को हटाने में पांच घंटे से अधिक समय लग गया।
इससे एनएच के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जबकि मार्ग से गुजर रहे कांवड़िए 100 मीटर की चढ़ाई चढ़ कर दूसरी ओर पहुंच रहे थे। कांडीखाल के पास पलास गांव के प्रधान सुमेर सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग कांडीखाल के पास सुबह नौ बजे बंद हो गया था। मलबा हटाने के बाद अपराह्न करीब तीन बजे यातायात सुचारु हो पाया। इस बाबत बीआरओ के सहायक अभियंता एबी सिंह ने कहा कि मार्ग पर आया अत्यधिक मलबा दूर डंप करने में समय लग गया।