गिरीश बेंजवाल, रमकांत बेंजवाल, जगदंगा बेंजवाल का कहना है कि वैक्सीन मैन चंद्र बल्लभ बेंजवाल को अपने गांव और माटी से बेहद प्रेम था। वह सेवानिवृत्त होने के बाद गांव में ही रहना चाहते थे। वे गांव व पहाड़ के लिए सपने बुन रहे थे। उनकी योजना थी कि बेंजी गांव में रिसॉर्ट बनाकर स्थानीय युवाओं को रोजगार मुहैया कराया जाए। वे पहाड़ और पहाड़ी संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ शिक्षा की बेहतरी के लिए काम करना चाहते थे। उन्होंने बीते वर्ष गांव में रहते हुए रिजॉर्ट के लिए अपने पुराने खेतों को कटवाकर चौड़ा रास्ता भी बनवाया था।
....वो पैसा कमा रहे, मैं दुआएं
बीआईबीसीओएल में सीनियर वाइस प्रेसीडेंट के पद पर तैनात रहते हुए उनके मन में कभी-कभी एक टीस सी उभर जाती थी। वे कहते थे मेरे साथ के लड़के कॉरपोरेट में करोड़ों कमा रहे हैं। मैं सरकारी मुलाजिम ही रह गया, लेकिन कोई नहीं, वे पैसा कमा रहे हैं ओर मैं दुआएं। वे अपने हर काम को पूरी ईमानदारी व जिम्मेदारी के साथ करते थे।